


अनुराग लक्ष्य, 25 जुलाई
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
पिछले 15 दिनों से मुंबई पर कुदरत कुछ इतनी मेहरबान हुई कि पूरी मुंबई को सैलाब से लबरेज़ कर दिया।
ट्रेनें, बसें, टैक्सियों और आटो रिक्शा भी अपनी मंज़िल तय नहीं कर पाए। रोज़ लाखों यात्रियों को बेस्ट की बसों और लोकन ट्रेनों में सफर करना दूभर हो गया।
ट्रेनें पूरी तरह पर्भावित हुईं। क्योंकि सायन, माटुंगा, दादर, परेल, मस्जिद बंदर, कराफट मार्केट, मुहम्मद अली रोड, सीएसटी स्टेशन पर यात्रियों को लोकल ट्रेनों को पकड़ने पर काफी दिक्कत हुई। ट्रेनें बंद हो जाने की वजह से यातायात पूरी तरह पर्भावित रहा। सबसे बुरा हाल माटुंगा, सायन और संताकुरूज, में देखने को मिला। माटुंगा में 165 मिमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस सैलानी बारिश को देखते हुए बीएमसी ने विद्यालयों को बंद करने का आदेश दे दिया। पूरी मुंबई में रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। साथ ही सख्त हिदायत भी दी गई है कि लोग बिला ज़रूरत घरों से न निकलें। वर्ली, बांद्रा, ताज होटल के किनारे समुंद्रों पर ही टाइड की विकराल स्थित बनी हुई है।
सायन माटुंगा दादर मुंबरा डोंबिवली, कुर्ला जैसे स्टेशनों पर रेल पटरी पर पानी भर गया। जिससे रेल परशाश्न असहाय नजर आया। इसी तरह चीता कैंप, गोवन्डी, मानखुर्द, बांद्रा में भी पूरी तरह सैलाब की शक्ल नज़र आई। सायन स्टेशन पूरी तरह ब्लॉक होने की वजह सेंट्रल रेलवे लाइन पर यात्रियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा। बेरीगेटिंग का काम शुरू हो जाने की वजह से सायन ब्रिज से बसों का संचालन भी ठप पड़ गया है। उधर से निकलने वाली बसें अब किसी धरावी 90 फीट से के रास्तों से आ जा रही हैं। जिससे यात्रियों को बहुत ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या कब तक रहेगी, फिलहाल इसका कोई अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता। जबकि अभी पूरी बरसात बाकी है। अगर इसका कोई समाधान जल्द नहीं निकला तो भविष्य में भी यात्रियों और राहगीरों को ऐसी ही दिक्कतों का सामना करना ही पड़ेगा।
मुंबई वासी इस बात से बीएमसी पर सख्त नाराज़ हैं कि हर साल उन्हें ऐसे ही हालात से गुजरना पड़ता है। वोह इसका जिम्मेदार बीएमसी को ही ठहरा रहे हैं। क्योंकि हर साल मुंबई बारिश के महीनों में ऐसे ही दिक्कतों का सामना कर रही है। जिससे रोजगार से लेकर स्कूल कॉलेज और रहवासियों का जीना दुश्वार हो रहा हैं। अब देखना यह है कि मुंबई की इस आफत भरी बारिश से बचने के लिए बीएमसी और मुंबई प्रशासन का क्या कदम उठाती है। जिससे जन जीवन सुरक्षित रह सके।