– बस्ती की पीएचसी जगदीशपुर की डॉ. निक्की
लखनऊ। बिना किसी सूचना के लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे 17 चिकित्साधिकारी गुरुवार को बर्खास्त कर दिए गए। प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संवर्ग के यह चिकित्सा अधिकारी लगातार नौकरी से गायब चल रहे थे।
ये चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की नोटिस का भी जवाब नहीं दे रहे थे। ऐसे में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। बीते ढाई वर्षों में 450 से अधिक डॉक्टर नौकरी से निकाले जा चुके हैं।
जो 17 चिकित्साधिकारी बर्खास्त हुए हैं, उनमें मथुरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बलदेव के चिकित्साधिकारी डॉ. आनंद गोयल, सिद्धार्थनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनकोला की डॉ. नेहा सिंह, बस्ती की पीएचसी जगदीशपुर की डॉ. निक्की, आजमगढ़ की पीएचसी जमीन फरेंदा की डॉ. ईशा सिंह, सिद्धार्थनगर की सीएचसी खेसरहा की डॉ. पारूल वर्मा, आगरा की पीएचसी होलीपुरा बाह की डॉ. कृतिका, आगरा की पीएचसी आहरण की डॉ. सुनाक्षी सेठ, सिद्धार्थनगर की पीएचसी बेतिया के डॉ. रजनीश चौधरी, बलिया की पीएचसी मुरली छपरा के डॉ. राहुल कुमार, बलिया के सीएमओ के अधीन डॉ. के जैन, जालौन की सीएचसी कालपी के डॉ. सत्येन्द्र पुरवार, मैनपुरी की सीएचसी बमटापुर की डॉ. अंजली वर्मा, मैनपुरी की सीएचसी औक्षा की डॉ. स्वाती कुशवाहा, मीरजापुर की सीएचसी मड़िहान के डॉ. अखलाक अहमद, बरेली की सीएचसी भोजीपुरा की डॉ. रूबी जायसवाल और फिरोजाबाद की सीएचसी जसराना की डॉ. सरिता पांडेय व सीएचसी हथौली जयसिंहपुर के चिकित्साधिकारी डॉ. मनीष मगन शामिल हैं।
दरअसल, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कुल 19 हजार पदों में से 11,500 पद ही भरे हुए हैं। ऐसे में चिकित्सकों पर काम का दबाव अधिक है। वहीं चिकित्सकों को अच्छी सुविधाएं नहीं मिल रहीं।
विशेषज्ञ चिकित्सकों को सीधे लेवल टू में भर्ती करने की लुभावनी स्कीम भी डॉक्टरों को रास नहीं आ रही। वह प्राइवेट अस्पतालों में मोटे वेतन पर काम करने को ही तरजीह दे रहे हैं।
उधर, तीन डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए के भी निर्देश दिए हैं। इसमें जिला चिकित्सालय झांसी के डॉ. मुकुल मिश्रा, बाराबंकी की सीएचसी फतेहपुर की डॉ. माधवी सिंह और बरेली के मुख्य चिकित्साधिकारी के कार्यालय में कार्यरत डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा शामिल हैं। इनके खिलाफ संबंधित मंडलीय अपर निदेशकों को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।