लंदन ,05 जुलाई । केरल में कोट्टायम के पास अथिरमपुझा के एक गांव में सोजन जोसेफ के घर की लाइटें गुरुवार रात को बंद नहीं हुईं। पूरा परिवार ब्रिटेन के केंट के एक निर्वाचन क्षेत्र एशफोर्ड के परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहा था। सोजन जोसेफ के पिता उस समय रो पड़े और ताली बजाने लगे जब लेबर पार्टी के उम्मीदवार उनके बेटे ने कंजर्वेटिव और यूनियनिस्ट पार्टी के डेमियन ग्रीन को 1,779 मतों के अंतर से हराया।
मुस्कुराते हुए पिता ने कहा, बेशक, मैं अपने बेटे की जीत से बहुत खुश और उत्साहित हूं। हम तब से यह सुनने का इंतजार कर रहे थे, जब से मेरे बेटे ने मुझे बताया कि वह चुनाव लड़ने जा रहा है। जोसेफ का घर रिश्तेदारों और दोस्तों से भरा हुआ था और जल्द ही पटाखे फोड़ने की आवाजें आने लगीं। उनके भाई की पत्नी ने कहा कि जोसेफ और उनके छह भाई-बहन और उनके बच्चे सभी यूके में हैं।
उनकी भाभी ने कहा, वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के मनोचिकित्सा विभाग में एक नर्स है। कोट्टायम में कॉलेज खत्म करने के बाद वह बेंगलुरु में नर्सिंग की पढ़ाई करने चले गए। अब वह पिछले 23 वर्षों से एनएचएस में काम कर रहे हैं। हमें उम्मीद थी कि वह जीतेंगे।
जोसेफ की एक बहन ने कहा कि जब वह यहां कॉलेज में था, तो वह कभी राजनीति में नहीं आया। बहन ने कहा, यूके पहुंचने के बाद ही उनमें राजनीति में रुचि पैदा हुई और अब उनका और हमारा सपना सच हो गया। अब हम बस उनके गांव आने का इंतजार कर रहे हैं। जोसेफ वर्तमान में एयल्सफोर्ड और ईस्ट स्टॉर वार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाले बोरो काउंसलर हैं।
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