ब्रिटेन के 58वें प्रधानमंत्री बनें कीर स्टार्मर

लंदन ,05 जुलाई । ब्रिटेन में कीर स्टार्मर की अध्यक्षता वाली लेबर पार्टी ने संसद के निचले सदन में पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है। सत्ताधारी कंजर्वेटिव पार्टी 14 साल बाद लेबर पार्टी से चुनाव हार गई। इसके कुछ घंटे बाद भारतवंशी ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। लेबर पार्टी के 61 साल के कीर स्टार्मर देश के 58वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। पार्टी ने कुल 650 सीटों में से 412 जीत दर्ज की है।
कीर स्टार्मर ने की विक्ट्री किस
हार के बाद सुनक ने पत्नी अक्षता के साथ 10 डाउनिंग स्ट्रीट छोड़ दिया। वहीं चुनाव में जीत पर कीर स्टार्मर की पत्नी ने उन्हें खुशी से चूम लिया।
मैं सुनक की मेहनत को सलाम करता हूं
कीर स्टार्मर ने कहा है कि मैं अभी बकिंघम प्लेस से लौटा हूं। मैंने इस महान देश की सरकार बनाने के लिए किंग के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। मैं ऋषि सुनक को उनके पहले एशियन मूल के पीएम बनने के लिए धन्यवाद देता हूं। उसके लिए जो उन्होंने अतिरिक्त मेहनत की है, उसे नकारना नहीं चाहते। हम उनकी मेहनत को सलाम करते हैं।
किंग चार्ल्स से मिले कीर स्टार्मर
सर कीर स्टार्मर ने बकिंघम पैलेस पहुंच कर हैं किंग चार्ल्स से मुलाकात की है। सुनक के इस्तीफे के बाद किंग ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया था।
सुनक ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से दिया इस्तीफा
आम चुनाव में हुई पराजय के बाद ऋषि सुनक ने शुक्रवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह जल्द ही कंजर्वेटिव नेता का पद भी छोड़ देंगे। डाउनिंग स्ट्रीट में प्रधानमंत्री कार्यालय के सामने दिए गए एक संक्षिप्त भाषण में सुनक ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, मैंने इस काम के लिए अपना सब कुछ दिया है, लेकिन आपने यूनाइटेड किंगडम की सरकार को बदलने का जनादेश दिया है, आपका निर्णय ही मायने रखता है।
उन्होंने कहा,मैं इस हार की जिम्मेदारी लेता हूं। सभी कंजर्वेटिव उम्मीदवारों और प्रचारकों ने अथक परिश्रम किया, लेकिन सफलता नहीं मिली, मुझे खेद है कि हम जीत नहीं दिला पाए। सुनक ने अपनी पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए मतदाताओं से माफ़ी मांगी। उन्होंने कहा कि कंज़र्वेटिव शासन के 14 वर्षों के दौरान यूनाइटेड किंगडम तेजी के साथ आगे बढ़ा।
सुनक ने कहा, प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के साथ मैंने आपसे कहा था कि मेरा सबसे महत्वपूर्ण कार्य देश की अर्थव्यवस्था में स्थिरता लाना था। मेरे कार्यकाल के दौरान मुद्रास्फीति स्थिर रही, ब्याज दरें कम रहीं और देश विकास की राह पर रहा। हमने दुनिया में अपनी स्थिति को सुदृढ़ बनाया।सुनक ने किंग चार्ल्स को अपना इस्तीफा सौंपने के लिए बकिंघम पैलेस के लिए रवाना होने से पहले कहा, यह एक कठिन दिन है, लेकिन मैं इस पद को दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देश का प्रधानमंत्री होने का सम्मान देते हुए छोड़ रहा हूं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *