नीट परीक्षा मामला: आरोपी डॉक्टर के अस्पताल पहुंची जांच टीम खंगाला बैंक डिटेल और कम्प्यूटर 

प्रयागराज। पांच मई को हुई नीट की परीक्षा में नैनी के अक्षयवट हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर आरपी पाण्डेय और उनके बेटे का नाम सामने आने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही है।  परीक्षा में बेटे की जगह सॉल्वर को बैठाने के दौरान पकड़े जाने के बाद परत दर परत खुल रही है। शनिवार को एक बार फिर जांच करने के लिए कुछ लोग डॉक्टर आरपी पांडेय के पीडीए कालोनी स्थित अस्पताल पंहुचे। भोर में अस्पताल पहुंची टीम को देख हड़कंप मच गया। अस्पताल पहुंचे लोगों ने अपना परिचय जांच एजेंसी के सदस्य के रूप में बताया। करीब दो घंटे तक टीम अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके अलावा डॉक्टर के बैंक डिटेल के बारे में जानकारी ली। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि करीब दो घंटे तक टीम के सदस्य अस्पताल में थे। इसके बाद वह चले गए।
बता दें कि दिल्ली में नीट की तैयारी के दौरान डॉक्टर आरपी पांडे के बेटे ऋषभ पांडेय उर्फ़ राज पाण्डेय का संपर्क जोधपुर एम्स के एक डॉक्टर से हुआ था। जो डॉक्टर के बेटे की जगह पर साल्वर बनाकर बैठाया गया था। जिसे बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के डीएवी पब्लिक स्कूल मालीघाट में परीक्षा के दौरान जांच दल ने पकड़ लिया गया था। बताया जाता है कि उस दौरान वह मौका देखकर वहां से फरार हो गया था। एडमिट कार्ड पर नैनी के पते की तस्दीक करने कुछ दिन पहले बिहार पुलिस नैनी अस्पताल आई थी। डॉक्टर आरपी पांडे और उसका बेटा अभी फरार बताया जा रहा है।
शनिवार को टीम के जाने के बाद आपताल के एक कर्मचारी ने कर्मी ने नाम न छपने की शर्त पर बता कि अस्पताल और डॉक्टर आरपी पांडे सहित उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों के जानकारी के लिए टीम अस्पताल आई हुई थी। यहां वह कर्मचारियों से जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि इस हाई प्रोफाइल परीक्षा में साल्वर को डाक्टर के बेटे की जगह पर बैठाने के लिए लाखो रुपए का लेनदेन किया गया है। ऐसे में जांच एजेंसी पुख्ता सुबूत के रूप में रुपए के लेनदेन के संबंध में सुबूत इक्कठा करने के लिए यहां पहुंची थी।

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