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सावन भादो जैसी छायी, जीवन में खुशहाली।
तुम आए तब हुई ज़िंदगी, मेरी पिया निराली।।
जीवन बगिया खिली खिली है,अब न रही लाचारी।
इसके लिए तुम्हारी प्रियतम,
सदा रहूँ आभारी।।
साथ तुम्हारा मिला हृदय अब,
रहा न मेरा खाली …
सावन भादो जैसी छायी,जीवन में खुशहाली।।
आए हो तो जीवन साथी,छोड़ न मुझको जाना।
अड़चन रहें हजार मगर तुम, मुझको ही अपनाना।।
करो प्रेम की बरसातों से,तन मन में हरियाली. .
सावन भादो जैसी छायी,जीवन में खुशहाली।।
जीवन रंग लगें सब अच्छे,जब से तुम हो आए।
अधरों पर है नाम तुम्हारा,दिल न तनिक घबराए।।
दूर तुम्हीं से हुई सजन है,सजनी की बदहाली…
सावन भादो जैसी छायी,जीवन में खुशहाली।।
अंजना सिन्हा “सखी “
रायगढ़