नई गीत की प्रस्तुति

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सावन भादो जैसी छायी, जीवन में खुशहाली।

तुम आए तब हुई ज़िंदगी, मेरी पिया निराली।। 

 

जीवन बगिया खिली खिली है,अब न रही लाचारी।

इसके लिए तुम्हारी प्रियतम,

सदा रहूँ आभारी।।

साथ तुम्हारा मिला हृदय अब,

रहा न मेरा खाली …

सावन भादो जैसी छायी,जीवन में खुशहाली।।

 

आए हो तो जीवन साथी,छोड़ न मुझको जाना।

अड़चन रहें हजार मगर तुम, मुझको ही अपनाना।।

करो प्रेम की बरसातों से,तन मन में हरियाली. . 

सावन भादो जैसी छायी,जीवन में खुशहाली।।

 

जीवन रंग लगें सब अच्छे,जब से तुम हो आए।

अधरों पर है नाम तुम्हारा,दिल न तनिक घबराए।।

दूर तुम्हीं से हुई सजन है,सजनी की बदहाली…

सावन भादो जैसी छायी,जीवन में खुशहाली।।

 

अंजना सिन्हा “सखी “

रायगढ़

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