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सच कहते हैं प्रेम तुम्हीं से,हम तो सजना करते हैं।
हमसे दूर कभी मत होना,हम तो साथी डरते हैं।।
जब से तुमको जाना समझा,तुम ही रहे निगाहों में।
अब तो मेरी विनती तुमसे, रखना सदा पनाहों में।।
इस भोली सूरत पर ही प्रिय, सजना जी हम मरते हैं…
सच कहते हैं प्रेम तुम्ही से, हम तो सजना करते हैं।।
जब देखोगे नैन उठा कर,खड़े मिलेंगे राहों में।
आकर हमको भर लेना तुम,पिया तुम्हारी बाँहों में।।
उतर रूह में गया प्रेम है, तुम बिनआहें भरते हैं..
सच कहते हैं प्रेम तुम्हीं से,हम तो सजना करते हैं।।
पल पल मेरा साथ निभाना, हाथ पकड़ तुम चलना जी।
बात हमारी अगर न मानी,फिर हाथों को मलना जी।।
बिना तुम्हारे क्या बतलाएँ,कैसे धीरज धरते हैं..
सच कहते हैं प्रेम तुम्हीं से ,हम तो सजना करते हैं।।
अंजना सिन्हा “सखी “
रायगढ़