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अंबेडकरनगर । तुम्हारी क़ामयाबी का हर एक पन्ना पढ़ लिया मैंने । अब बताओ मैं कौन सा दिली उपहार दे दूं तुमको ।। चर्चित कवि व मंच संचालक डॉ० तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु का यह शेर स्वयं को गौरवनित करता है । पेशे से शिक्षक कवि जिज्ञासु के खाते में पुरस्कार एवं सम्मानों की एक श्रृंखला है । जिज्ञासु की रचना धर्मिता में दर्जनों व्यक्तिगत एवं साझा काव्य संग्रह शामिल हैं । शैक्षिक गतिविधियों के साथ-साथ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कवि सम्मेलनों में जिज्ञासु की सक्रिय सहभागिता हुआ करती है एवं काव्य पाठ तथा संचालक के रूप में बेहतर किरदार निभाते आ रहे हैं । हाल ही में जिज्ञासु को देश की अग्रणी साहित्यिक संस्था कवि स्पर्श द्वारा नव वर्ष कवि सम्मान 2024 से नवाजा गया है । जिज्ञासु के सम्मान पर शिक्षकों , कवियों , साहित्यकारों एवं समाजसेवियों द्वारा सोशल मीडिया पर बधाई एवं शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है ।