महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। मुस्कान पुनर्वास केंद्र के होनहार मूक बधिर दिव्यांग विगत कई वर्षों से संस्था से इंटर कि परीक्षा पास करके कई मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी कर रहे हैं। ज्ञात हो की मुस्कान पुनर्वास केंद्र के बच्चों को संस्था द्वारा कंप्यूटर प्रशिक्षण भी दिया जाता है और साथ ही विभिन्न ट्रेंडों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर ई.इंटरव्यू की तैयारी करायी जाती है तथा 100% जॉब बच्चों को दिलवाया जाता है। डॉ रानी अवस्थी ने बताया कि इस वर्ष भी 20 बच्चों को अमेजॉन में नौकरी मिली है। इस प्रकार से चार पांच वर्षों से केवल अमेजॉन में ही 80 के लगभग बच्चे काम कर रहे हैं। जॉब मिलने की खुशी में बच्चों ने आज केक काटकर जश्न मनाया। ज्ञात हो कि यहां के बच्चे होटल मैनेजमेंट की ट्रेनिंग प्राप्त करके 3 स्टार एवं फाइव स्टार होटलो में भी काम कर रहे हैं। इस संबंध में प्रबंधक राघवेंद्र अवस्थी का कहना है कि एक समय था जब मूक बधिर दिव्यांग बच्चों को अभिभावक पूर्व जन्मों का पाप तथा सर का बोझ समझते थे। आज वही बच्चे नौकरी करके माता-पिता की सेवा कर रहे हैं। जब से मुस्कान संस्था खुली है कोई भी मूक बधिर बच्चा बेकार नहीं घूम रहा है सभी पढ़ाई के बाद स्वयं के पैरों पर खड़े हैं और डॉ रानी अवस्थी द्वारा दिया गया नारा कहते “कि हम किसी से कम नहीं “माना कि हम बोल नहीं सकते ,सुन नहीं सकते किंतु हम भी मनुष्य है मेरे अंदर भी आप जैसी भावनाएं एवं संवेदनाएं हैं और और हम भी कुछ कर गुजरने की तमन्ना रखते हैं।एक बार मुझे आजमा कर तो देखे हमें अवसर तो दे ,मेरी प्रतिभा को पहचानो हम वह सब कर सकते हैं जो की एक सामान्य व्यक्ति करता है। हम शांत दुनिया के लोग हैं। जन्म से कोई आवाज तो नहीं सुनी किंतु आपकी भावनाएं आपका मेरे प्रति भावों को बखूबी समझते हैं यह बात मूक बधिर छात्र सांकेतिक भाषा से व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर संस्था के सभी शिक्षकों ने बच्चों को नौकरी पाने की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी।