रमज़ान की पूर्व संध्या पर दिनांक 11/03/2024 को सायं काल 5.30 बजे से नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक मंच पटल पर भारत के श्रेष्ठ कवि शायर एवं साहित्यकार डॉ अब्दुल सुब्हान खान ने एकल काव्यपाठ किया।
आपने अपने सुंदर दोहों से लोगों का मन मुग्ध कर लिया और साथ साथ समाज परिवार एवं देश तथा सांस्कृतिक मूल्यों और आचरण की नैतिक मूल्यों पर अमूल्य छाप छोड़ी। आपने रस से सराबोर कर दिया। आपने आपनी शायरी और ग़ज़ल शेरों की प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रोताओं पर अमिट छाप छोड़ा है।
आप के काव्य पाठ सीधे सरल और सर्वग्राह्यता में मन पर अमिट छाप छोड़ते हैं। सभी श्रोताओं ने मुक्त कंठ से सकारात्मक टिप्पणियां करते हुए आपकी प्रशंसा की। मंच पर साक्षी भाव से मंच के सभी पदाधिकारी समेत भारत के कोने-कोने से श्रोताओं ने आपकी भूरि भूरि प्रशंसा की।