महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या. महामंडलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज के पावन सानिध्य एवं श्रीमज्जगगुरु रामानुजाचार्य डॉ. स्वामी राघवाचार्य जी महाराज के संयोजकत्व में गोला घाट, सरयू तट, अयोध्या धाम में आयोजित श्री लक्षचण्डी महायज्ञ, श्री लक्षगणपति महायज्ञ एवं श्री राम यज्ञ के दौरान बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर आचार्य धरिन्द्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने अपनी गरिममामयी उपस्थिति प्रदानकर पूज्य महाराजश्री का आशीवाद प्राप्त किया। महायज्ञ की 100 कुण्डीय विराट यज्ञशाला में हो रहे हवन का दर्शन, प्रदक्षिणा एवं यज्ञ के ज्ञान मण्डपम् (प्रवचन पण्डाल) में अपना उद्बोधन भी उपस्थिति भक्तजनमानस को प्रदान किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि पूज्य स्वामी श्री प्रखर जी महाराज जी जैसे सन्तों के कारण ही हमारी वैदिक परम्परा, धर्म-शास्त्र सुरक्षित है, इसके लिए मैं पूज्य महाराजश्री को बारम्बार प्रणाम करता हूँ। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य कि मैं पूज्य महाराज श्री द्वारा सम्पादित किए जा रहे इस विराट महायज्ञ का साक्षात् दर्शन कर पा रहा हूँ।
महायज्ञ के साथ प्रतिदिन आयोजित रहे अन्य विविध कार्यकमों के अन्तम प्रातःकालीन सत्र में सन्त सम्मेलन दौरान उपस्थित वक्ताओं ने यज्ञ महत्व पर प्रकाश डाला।