इतिहास प्रदूषण मिटाओ-आचार्य सुरेश जोशी

🌹🌹 ओ३म् 🌹🌹
🐞 इतिहास प्रदूषण मिटाओ!🐞
श्री सदानंद लघु माध्यमिक
विद्यालय ग्राम ऐंठी में संत रविदास जयंती नये युग की आधारशिला रखते हुए मनाई गई।आज भी भारत अपने स्वर्णिम युग के लिए अंग्रेजों की फूट डालो, राज करो की 🌴 शिक्षा नीति 🌴की मार झेल रहा है।हमारी सरकारें अभी भी विश्वगुरु भारत को प्रस्तुत करने में असमर्थ हैं।हमने सड़कों, भवनों का निर्माण किया है। आधुनिक तकनीकी व भौतिक विकास में बहुत कुछ करने के बाद भी 🧘हमारी चारित्रिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक उन्नति 🧘 जातिवाद, सम्प्रदाय वाद,व मत पंथों की कट्टरता में पिसती जा रही है।इसका कारण एकमात्र कारण है 🐞 इतिहास प्रदूषण 🐞 एक समीक्षा!!!!!!
अंग्रेजों की कुटिल नीति भारतीय इतिहास के रूप में हमारे स्कूल,कालेजों, विश्वविद्यालयों में आज भी महिमा मंडित हो रही हैं।जिन महापुरुषों ने सारे जीवन भर ऊंच नीच,छुआ -छूत,जाति वाद,मत-पंथों के मकड़जाल से मानवता को शिखर पर रखने के लिए संघर्ष किया अंग्रेज इतिहास कारों ने उन्हीं महापुरुषों के जीवन चरित्र को जातिवाद का चोला पहनाकर भारतीयों को मुसलमान, ईसाई, दलित, बौद्ध धर्मांतरण का चोला पहना दिया। और भारत को गृहयुद्ध में धकेल दिया।
उदाहरण के लिए महापुरुषों की जीवनी में जो जातिवाद का जहर डाला है वो इस प्रकार का है।संत रविदास का जन्म एक दलित परिवार में हुआ। डाक्टर भीमराव अम्बेडकर शुद्र परिवार में जन्मे। विवेकानंद कायस्थ परिवार में जन्मे। महर्षि दयानंद सरस्वती ब्रह्माण्ड परिवार में जन्मे। कबीर व संत रविदास के गुरु हिंदू ब्राह्मण थे।
इस प्रकार आज भी इतिहास में महापुरुषों को दलित महापुरुषों।सवर्ण महापुरुष। बौद्ध महापुरुष कहकर भारतीयों को आपस में टकराकर उनका ईसाईकरण, इस्लामी करण, बौद्ध,जैन,सिख, ब्राह्मण, क्षत्रिय,वैश्य, शूद्र के रूप में विभाजित कर मानवता को खंडित किया जा रहा है।आज की राजनीतिक पार्टियां इस इतिहास प्रदूषण का लाभ उठाकर युवा पीढ़ी को गुमराह कर रही हैं।इस भ्रष्ट राजनीति को राजनेता अपना ओट बैंक बनाकर भारत को खंडित करने में ही अपनी शान समझती है।जब तक संसद में 🍁जातिवाद बनाम मानवताद🍁 पर ध्वनि मत से विधेयक पास कराकर शुद्ध इतिहास पाठ्यक्रम में लागू नहीं होता तब तक भारत से जातिवाद नष्ट नहीं होगा और महापुरुषों को भी उचित सम्मान नहीं मिलेगा व उनके ज्ञान से मानवता नहीं जाग सकेगी।
संत रविदास ने किसी एक वर्ग।एक जाति के लिए नहीं संपूर्ण मानवता के लिए काम किया है। उसके कुछ प्रमाण इस प्रकार हैं।
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यम-नियम आसन पुनि, प्राणायाम प्रति आहार।
धारण ध्यान समाधि से,
अष्टम योग विचार।।
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वेद धर्म छोड़ू नहीं कोशिश करो हजार।
तिल-तिल काटो चाहे,गोदो अंग कटार।।
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जात पात मत पूछिए,का जाता अरु पात!
रैदास पूत सब प्रभु के, कोई न जात- कुजात ।।
रविदास जी के ये विचार केवल धोबी, चमार, निषाद,कोल,भील, वामपंथियों, अंबेडकर वादियों व राजनीतिक पार्टियों की मानसिक खुराक नहीं अपितु संपूर्ण मानव जाति के लिए है।अगर हम मानव जाति का भला चाहते हैं तो 🐞 इतिहास प्रदूषण 🐞 को शीघ्र मिटाना होगा और 🌻चुनाव प्रणाली 🌻 से ओ बी सी,जन जाति, अनुसूचित जन जाति,अति पिछड़े, बैकवर्ड, फारवर्ड शब्दों को हमेशा के लिए मिटा कर 🌲 चरित्रवान नेता व भ्रष्ट नेता🌲हिंसक व अहिंसक नेता🌲 शिक्षित व अशिक्षित नेता🌲 के सिद्धांत को आधार मानकर मतदाता अपने मत का दान करें तभी मानवतावादी लोग नेतृत्व कर महापुरुषों के सही संदेश को प्रसारित जन सामान्य तक पहुंचा कर देश को अखंड, आत्मनिर्भर, स्वावलंबी व स्वाभिमानी बना सकेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए सांसद हरीश द्विवेदी जी ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को दलित लोगों के लिए अब तक के सर्वश्रेष्ठ नेता के रूप में संबोधित किया।
विद्यालय के प्रबंधक श्री शिव प्रसाद तिवारी जी ने बताया कि सदानंद लघु माध्यमिक विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायीकरण से हटकर संस्कार को प्रमुख महत्व देता है। कार्यक्रम संचालक श्री शिवपूजन आर्य* शिक्षक * ने अपने संचालन में कहा कि 🌻 हिंदू🌻मुसलमान🌻सिख, ईसाई 🌻 बौद्ध बनना 🌻 शिक्षा व सरकारों का उद्देश्य नहीं होना चाहिए। मनुष्य मनुष्य बन जाए तो विश्व शांति तभी संभव हैं। ईश्वर ने हमें मनुष्य बनाकर भेजा है हम मनुष्य बनकर ही संसार छोड़ें यही संत रविदास जयंती की सफलता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला आर्य उपप्रतिनिधि सभा के प्रधान आदरणीय ओमप्रकाश आर्य जी ने कहा जिस दिन ब्राह्मणों की बोली। क्षत्रियों को गोली।वैश्य की झोली व शूद्रों की टोली एक साथ होगी उस दिन सबसे पहले भारत जगेगा और भारत के जगते ही विश्व चेतना जाग जायेगी तभी महापुरुषों की जयंती मनाना सार्थक हो पायेगी।
प्रबंधक श्री शिव प्रसाद तिवारी के सुपुत्र प्रियवर मनोज तिवारी, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री 🥝 अंसारी 🥝 जी ने तन-मन-धन से कार्यक्रम को शिखर तक पहुंचाया। आर्य समाज मंदिर न ई बाजार सूर्ती हट्टा के मंत्री आदरणीय गरुढ़ ध्वज पांडेय जी ने कार्यक्रम को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन 🌼 शांति पाठ 🌼 वैदिक जयघोष 🌼सामूहिक सजभोज के साथ सम्पन्न हुआ।
आचार्य सुरेश जोशी
🌹 वैदिक प्रवक्ता 🌹
🌸 समाचार कार्यालय 🌸
आर्य भवन
राजा बाजार बस्ती

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