बहराइच। हर साल की तरह इस साल भी सैय्यद सालार मसूद गाजी (रह०) के उस्ताद हज़रत सैय्यद इब्राहीम शहीद (रह०) का 1021 वां सालाना उर्स बड़े ही धूम धाम से मनाया गया। दो दिन के इस प्रोग्राम में दिनांक 9 फरवरी 2024 को एक अजीमुश्शान नातिया मुशायरा किया गया। इस नातिया मुशायरे में शहर के नामवर शायरों ने अपना-अपना कलाम पेश किया इस नातिया मुशायरे की सदारत नामवर शायर अल्हाज जनाब असर बहराइची ने किया जब कि संचालन शायर राशिद राही ने किया। मुशायेर के कन्वेनर नौजवान शायर नाजिम बहराइची रहे। इस पूरे कार्यक्रम की सर परस्ती सैय्यद अकरम सईद साहब ने की इस नातिया मुशायरे के मेहमाने खुसूसी जनाब जमील फारूकी साहब (एडवोकेट) व मेहमाने एज़ाजी जनाब जावेद जाफरी रहे। इस नातिया मुशायरे में शहर के मशहूर व मारुफ पाँच शायरो को मेहमाने खुसूसी जमील फारूकी (एडवोकेट) मेहमाने एजाजी जावेद जाफरी प्रोग्राम के सरपरस्त सैय्यद अकरम सईद व आस्ताना मोतवल्ली सैय्यद राशिद अख्तर के हाथो से हज़रत इब्राहीम शहीद अवार्ड शॉल व मोमेन्टो देकर सम्मानित किया। सम्मान पाने वाले शायर, जनाब असर बहराइची, जनाब मज़हर सईद, जनाब राशिद राही, जनाब मौलाना अजीम अब्बास, जनाब डा० मुबारक अली थे। नातिया मुशायरे की शुरुआत हाफिज़ इकबाल साकिबी ने तिलावत ए कुरान पाक से किया उसके बाद कन्वीनर मुशायरा नाज़िम बहराइची ने हमदे बारी ताअला पढ़ा। उसके बाद बहराइच के मशहूर शायर असर बहराइची, मज़हर सईद, डा० मुबारक अली, मंजूर बहराइची, नजर बहराइची, मोमिन बहराइची, मौलाना अजीम अब्बास, तारिक बहराइची, हैदर हल्कौरी, शफक अंसारी, हाशिम बहराइची, हाफिज इकबाल साकिबी, नाजिम बहराइची ने अपना-अपना कलाम पेश किया। प्रोग्राम के अन्त में समाज सेवी सैय्यद अकरम सईद ने आस्ताना मोतवल्ली से० राशिद अख्तर व कौमी एकता सोसायटी के सदर मनशाद अहमद को शॉल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान तौकीर अहमद, सैय्यद मसूद अख्तर, शहनवाज हुसैन (राजू भाई) सैय्यद असलम सईद, मोईन आलम, तौहीद अहमद (पत्रकार), मोहमद सलीम समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।