लखनऊ -22 अक्टूबर मुख्य सचिव ने ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। जो जन्म और मृत्यु के समय तत्काल प्रमाण पत्र नहीं जारी करते इस आदेश की हद में निजी व सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं।**प्रदेश में हर माह करीब पौने दो लाख बच्चे जन्म लेते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमें से 83 फीसदी प्रसव संस्थागत होते हैं।* *यानि बच्चे अस्पताल में जन्म लेते हैं। अस्पताल में पैदा होने वाले सभी बच्चों के मामले में मां की अस्पताल से छुट्टी होने से पहले जन्म का पंजीकरण कर प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश दिए गए हैं।* *ठीक इसी तरह किसी भी स्थिति में अस्पताल में मौत होने पर उसे भी पंजीकृत कर मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया जाना है। मगर जन्म और मृत्यु दोनों ही मामलों में शत-प्रतिशत ऐसा नहीं हो पा रहा है।