महोबा(आरएनएस )। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस पर 17 सितंबर को बुंदेले फिर अपने खून से खत लिखेंगे एवं उनको जी 20 व चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक सफलता के लिए बधाई देंगे। साथ ही उनसे बुंदेलखंड राज्य की बहाली व बेहतर चिकित्सा सेवाओं के लिए एम्स खोलने की मांग दोहराएंगे। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर पिछले आठ साल से नंगे पैर चल रहे बुंदेली समाज के संयोजक तारा पाटकर बुंदेलखंडी ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अब तक 32 बार खून से खत लिख चुके हैं। मोदीजी के जन्मदिन पर इस बार महोबा के अलावा बांदा व चित्रकूट में भी बुंदेले प्रधानमंत्री को अपने खून से बधाई संदेश लिखकर भेजेंगे। बुंदेली समाज के सदस्य प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर पिछले पांच साल से लगातार अपने खून से खत लिखकर बधाइयां भेजते आ रहे हैं। पिछली बार की तरह इस बार भी कार्यक्रम आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में होगा। तारा पाटकर ने बताया कि देश आजाद होने के बाद 12 मार्च, 1948 को नेहरू सरकार ने बघेलखंड को बुंदेलखंड में मिलाकर विन्ध्य प्रदेश बना दिया। फिर प्रथम राज्य पुनर्गठन आयोग की सिफारिश को खारिज करते हुए नेहरू सरकार ने एक नवंबर, 1955 को विन्ध्य प्रदेश के टुकड़े कर उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के बीच बांट दिया। तभी से बुंदेलखंड दोनों राज्यों के बीच पिस रहा है और विकास की दौड़ में बहुत पिछड़ गया। सरकारें बुंदेलखंड के लिए बहुत कुछ कर रही हैं लेकिन ये सिर्फ ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा हैं। यहां की बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ महोबा में सबसे बड़ा आंदोलन हुआ लेकिन अब तक हमें कुछ नहीं मिला।