लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम द्वारा 82 अभियुक्तों को मिली रिहाई, 298 को मिला कानूनी परामर्श

लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम द्वारा 82 अभियुक्तों को मिली रिहाई, 298 को मिला कानूनी परामर्श

 

बस्ती। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बस्ती द्वारा संचालित ‘लीगल एड डिफेन्स काउंसिल सिस्टम’ के माध्यम से रिमांड, जमानत और विचारण के स्तर पर असहाय एवं जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जा रही है।

जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष शमसुल हक के दिशानिर्देशन और सचिव देवेन्द्र कुमार प्रथम के मार्गदर्शन में संचालित इस व्यवस्था की प्रगति की जानकारी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल कौशल किशोर श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि अगस्त माह तक लीगल एड डिफेन्स काउंसिल के प्रयासों से जमानत के अभाव में निरुद्ध 82 अभियुक्तों को न्यायालय से समय लेकर रिहा कराया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न मुकदमों में 92 साक्षियों की प्रतिपरीक्षा कराई गई और 298 लोगों को निःशुल्क कानूनी परामर्श दिया गया।

प्रमुख उपलब्धियां:

मामलों का निस्तारण: गुण-दोष के आधार पर 31 मुकदमों का निस्तारण कराया गया, जबकि SAMADHAN पोर्टल के माध्यम से प्राप्त 178 मामलों का समाधान किया गया।

गिरफ्तारी पूर्व विधिक सहायता: 367 अभियुक्तों को गिरफ्तारी से पूर्व ही कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई।

जेल संवाद व जमानत: काउंसिल के पदाधिकारियों ने जिला कारागार बस्ती का 123 बार दौरा कर बंदियों से सीधा संवाद स्थापित किया। सत्र न्यायालय में दाखिल 19 जमानत याचिकाओं में से 8 में जमानत स्वीकार हुई। वहीं, असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल द्वारा मजिस्ट्रेट न्यायालय में प्रस्तुत 67 जमानत आवेदनों में से 50 को स्वीकृति मिली।

रिमांड स्तर पर मदद: रिमांड के स्तर पर 99 अभियुक्तों को तत्काल विधिक सहायता प्रदान की गई।

जिला कारागार बस्ती में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है और विभिन्न न्यायालयों में लंबित मुकदमों में उनकी ओर से प्रभावी पैरवी की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेन्स काउंसिल शैलजा कुमार पाण्डेय तथा असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउंसिल नीतिश कुमार श्रीवास्तव व दीप्ति पाण्डेय सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।