इश्क़ वफ़ा और प्यार मोहब्बत सब कुछ अनिल तुम्हारे नाम, सुबह की लाली शाम की रंगत सब कुछ अनिल तुम्हारे नाम, सलीम बस्तवी अज़ीज़ी,,,,,,,,

अनुराग लक्ष्य, 18 सितंबर
मुम्बई संवाददाता ।
इश्क़ वफ़ा और प्यार मोहब्बत सब कुछ अनिल तुम्हारे नाम,
सुबह की लाली शाम की रंगत सब कुछ अनिल तुम्हारे नाम ।
ज़िन्दा रहेगा नाम तुम्हारा जब तक चाँद सितारे हैं,
इल्म ओ अदब की इक इक दौलत सब कुछ अनिल तुम्हारे नाम ।
यह पंक्तियाँ लिखते वक्त मेरी आँखें नम हैं और दिल रो रहा है। क्योंकि आज हम एक ऐसे संजीदा और नेक दिल इन्सान की 6 वीं बरसी मना रहे हैं, जो बस्ती के पत्रकारिता जगत की शान थे । सादगी और संजीदगी जिनका गहना था । इंसानियत जिनका मज़हब था ।
स्वर्गीय अनिल श्रीवास्तव ने अपनी ज़िंदगी में दर्जनों कलमकारों और पत्रकारों को वोह मुक़ाम दिलाया जो आज पत्रकारिता जगत में अपना अहम मुकाम भी रखते हैं।
आज अनिल भैया बेशक हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके आदर्श और उनकी संजीदगी, उनका बड़प्पन हमेशा बस्ती वासियों के दिलों में ज़िन्दा रहेगा ।
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी उनके बिछड़ने का ग़म समेटे हुए उनकी यादों में सिर्फ़ इतना ही कह सकता हूँ कि,
तुम क्या गए जहाँ की सारी रौनकें गईं,
पत्रकारिता जगत की सारी महफ़िलें गईं ।
तुमने जो लगाए थे क़लमकारों के शजर,
अफ़सोस उनके दिल की सारी हसरतें गईं ।
इस अवसर पर बस्ती के तमाम पाठकों, पत्रकार बंधुओं, साहित्यकार बंधुओं से निवेदन है कि आज प्रेस क्लब बस्ती के सभागार में 11 बजे पहुंचकर अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दुआ करें ।