डायट प्राचार्य प्रकरण में अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन

डायट प्राचार्य प्रकरण में अधिकारियों ने दिया जांच का आश्वासन

-जिलाधिकारी, अपर आयुक्त और सीआरओ से मिले शिक्षक संघ के पदाधिकारी

बस्ती। डायट प्राचार्य एवं सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक संजय कुमार शुक्ल के कार्य-व्यवहार को लेकर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से उठाई गई शिकायत के मामले में बुधवार को संगठन के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। जिलाध्यक्ष चन्द्रिका प्रसाद सिंह और जिला मंत्री बालकृष्ण ओझा ने मण्डलायुक्त की अनुपस्थिति में अपर आयुक्त बस्ती मण्डल, जिलाधिकारी तथा मुख्य विकास अधिकारी से मुलाकात की। तीनों अधिकारियों ने प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही मुख्यमंत्री, बेसिक शिक्षा मंत्री, महानिदेशक स्कूल शिक्षा और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को रजिस्ट्री पत्र के माध्यम से भी शिकायत पत्र भेजा गया।

शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों को सोमवार को जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन और उसमें उठाए गए बिंदुओं से अवगत कराया। संगठन ने विशेष रूप से 10 सितंबर को बहादुरपुर विकासखंड के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण के दौरान महिला शिक्षकों के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार के आरोप को गंभीरता से उठाया। संघ का कहना है कि शौचालय एवं यूरिनल से संबंधित विषय को लेकर महिला शिक्षकों के साथ कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणी की गई, जिससे शिक्षिकाएं आहत हुईं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि शिक्षकों और विशेषकर महिला शिक्षकों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित कराना है।इसके पूर्व भी डायट पर जो भी प्रशिक्षण होते है उसमें प्राचार्य द्वारा शिक्षको को समूह में खड़े होने, बाथरूम जाने , अधिक पानी प्रयोग करने तथा अन्य बिंदुओं को लेकर अपमानित किया जाता है। उनके द्वारा विद्यालय जाँच में भी शिक्षको के प्रति व्यवहार सही नही रहता है। डायट पर शासन द्वारा लाखो रूपये भेजकर प्रशिक्षण हाल, शौचालय, प्रशिक्षण कक्ष आदि बनवाये गए है जिसको प्राचार्य ये कहते है कि उन्होंने अपने से बनवाया है और शिक्षको से जाच के नाम पर डायट पर हो रहे कार्य मे आर्थिक सहयोग की बात कहते है ।

संघ पदाधिकारी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाने और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। जिला मंत्री ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण और विभागीय बैठकों के दौरान शिक्षकों के साथ मर्यादित व्यवहार सुनिश्चित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। संगठन ने कहा कि जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया पर वह नजर बनाए रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।