महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या । संत परंपरा और सेवा के प्रमुख केंद्र चक्रवर्ती महाराज दशरथ के राजमहल ‘बड़ा स्थान’ में गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस पुनीत अवसर पर देश के कोने-कोने से पहुंचे श्रद्धालुओं, भक्तों और शिष्यों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
प्रातःकाल से शुरू हुआ पूजन अनुष्ठान प्रातःकाल से ही दशरथ महल पीठाधीश्वर बिंदु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज के पूजन के लिए भक्त आतुर नजर आए। कार्यक्रम की शुरुआत में बिंदु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज ने दशरथ महल के संस्थापक स्वामी राम प्रसादाचार्य महाराज की प्रतिमा/चित्र पर पुष्पहार, अंगवस्त्र और मिष्ठान अर्पित कर आरती व तिलक किया।
इसके पश्चात, मंगल भवन के पीठाधीश्वर एवं बिंदु गद्याचार्य महाराज के शिष्य अर्जुन प्रसादाचार्य कृपालु (राम भूषण दास महाराज) ने अपने पूज्य गुरुदेव को तिलक, आरती, पुष्पहार, अंगवस्त्र और द्रव्य भेंट कर उनका पूजन-अर्चन किया।
भक्तों ने लिया गुरु आशीर्वाद
मुख्य आचार्यों के पूजन के बाद देश भर से आए भक्तों ने बिंदु गद्याचार्य स्वामी देवेंद्र प्रसादाचार्य महाराज की आरती उतारकर, तिलक लगाया और पुष्पहार, मिष्ठान, अंगवस्त्र व दक्षिणा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर निम्नलिखित प्रमुख संतों और पुजारियों की विशेष उपस्थिति रही बड़े पुजारी द्वारिका दास महाराज पुजारी राम जी दास महाराज पुजारी गणेश दास महाराज राम नंदन दास महाराज
सुदामा दास, माया राम दास, नित्यनंद दास, शिवा मिश्र और राजबीर दास विशाल भंडारे का हुआ आयोजन गुरु पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर मंदिर परिसर में एक वृहद स्तरीय भंडारे का संचालन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में संतों, भक्तों और अतिथियों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के अंत में पधारे सभी संत-महर्षियों और अतिथियों को दक्षिणा व विदाई भेंट देकर सम्मानित किया गया।