महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। स्वर्गद्वार स्थित प्राचीन एवं प्रसिद्ध पटना मंदिर में बुधवार को संत परंपरा के अनुरूप आध्यात्मिक उत्तराधिकार समारोह संपन्न हुआ। मगध मंडलेश्वर श्रीमहंत जयनारायण दास महाराज ने अपने कृपापात्र शिष्य, विख्यात रामकथा मर्मज्ञ एवं वैदिक आचार्य व्यास विप्लव दास को विधिवत कंठी एवं चादर अर्पित कर श्रीमहंत पद की जिम्मेदारी सौंपी। समारोह में अयोध्या के संतों, महंतों एवं धर्माचार्यों ने नवयुक्त श्रीमहंत व्यास विप्लव दास का स्वागत करते हुए उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। इस दौरान वैष्णव परंपरा, गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा तथा सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश प्रमुखता से उभरकर सामने आया। दायित्व ग्रहण करने के बाद श्रीमहंत व्यास विप्लव दास ने कहा कि वह गुरुजनों के आशीर्वाद एवं भगवान श्री राम की कृपा से मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने मंदिर के सर्वांगीण विकास, संत समाज में समरसता, वैदिक संस्कृति के संवर्द्धन तथा सनातन धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सभी संतों एवं श्रद्धालुओं को साथ लेकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। संत समाज ने इस अवसर को धर्म और संस्कृति की अखंड परंपरा को सुदृढ़ करने वाला महत्वपूर्ण क्षण बताया।