श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट का पुनर्गठन अयोध्या की उपेक्षा महंत मनमहेश दास ने उठाए सवाल

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हालिया पुनर्गठन और नए महासचिव की नियुक्ति पर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। पूर्व श्री राम सेना के अध्यक्ष महंत मनमहेश दास ने इस प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे अयोध्या की उपेक्षा करार दिया है। ट्रस्ट में स्थानीय भागीदारी की अनदेखी महंत मनमहेश दास ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का वर्तमान पुनर्गठन अयोध्या की जन-अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ट्रस्ट में स्थानीय संतों और निवासियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, क्योंकि यहाँ के लोग वर्तमान व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के गठन में पारदर्शिता की कमी है और स्थानीय निवासियों की भावनाओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। सुरक्षा में चूक और चोरी पर नाराजगी राम जन्मभूमि से जुड़ी हालिया चोरी की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए महंत ने दोषियों के लिए कठोरतम दंड की मांग की है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी विशेष व्यक्ति पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन उन्होंने ट्रस्ट में व्याप्त खामियों और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक के लिए जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है। गहन जाँच और बेहतर सुरक्षा की मांग महंत ने पूरे प्रकरण की गहन जाँच की मांग करते हुए कहा कि इतने संवेदनशील मामले में बिना प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत के ऐसी घटनाएं संभव नहीं हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि ट्रस्ट के कामकाज में सुधार किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद किया जाए कि भविष्य में किसी भी प्रकार की गलती की गुंजाइश न रहे।