अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में 30 जून से 7 जुलाई तक धर्ममण्डपम श्री मणिरामदास छावनी सेवा ट्रस्ट, वासुदेवघाट में वार्षिक तीर्थयात्रा महोत्सव के अंतर्गत ‘ॐ जगद्गुरु जनशांति धर्म समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। आयोजन महाराष्ट्र की संत परंपरा के जगद्गुरु स्वामी शांतिगिरिजी महाराज के सान्निध्य में होगा, जिसमें देशभर से हजारों साधक और संत-महात्माओं के शामिल होने की संभावना है।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह वार्षिक धार्मिक समारोह प्रत्येक वर्ष देश के किसी प्रमुख तीर्थस्थल पर आयोजित किया जाता है। पिछले वर्ष इसका आयोजन तिरुपति बालाजी और उससे पहले वृंदावन में हुआ था। इस वर्ष भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या को आयोजन स्थल के रूप में चुना गया है।
समारोह की सबसे बड़ी विशेषता जगद्गुरु जनार्दन स्वामी द्वारा स्थापित ‘अनुष्ठान परंपरा’ रहेगी। इस दौरान साधक सात दिनों तक मौन व्रत, फलाहार, ब्रह्ममुहूर्त में स्नान, पवित्र वेशभूषा और भगवान के नाम के निरंतर स्मरण सहित कठोर आध्यात्मिक नियमों का पालन करेंगे। आयोजकों के अनुसार हजारों महिला एवं पुरुष साधक इस अनुष्ठान में भाग लेंगे। कुछ साधक पूरे आठ दिनों तक जल का भी त्याग कर तपस्या करेंगे।
आठ दिवसीय समारोह में पंचकुंडात्मक महायज्ञ, श्रीरामचरितमानस पाठ, सामूहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ, अखंड नामस्मरण, सत्संग, आरती तथाu विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। साथ ही अयोध्या के संतों, ब्राह्मणों और श्रद्धालुओं के सम्मान में भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।
आयोजन समिति ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक प्रमुख संतों एवं गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय से शुभकामना संदेश भी प्राप्त हुआ है। इसके अलावा महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से संत-महात्मा और श्रद्धालु बड़ी संख्या में अयोध्या पहुंचेंगे।
आयोजकों का कहना है कि इस समारोह का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, नामस्मरण और आध्यात्मिक साधना की परंपरा को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज में धर्म और सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।…..