मांटेसरी इंटर कॉलेज में सम्पन्न हुई बोधि-पथ साप्ताहिक कार्यशाला
बहराइच 15 जून। संस्कृत विभाग उत्तर प्रदेश-सम्बद्ध अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ के तत्वावधान में आज मांटेसरी इंटर कॉलेज (मेवातीपुरा नगर) में बौद्ध संस्कृति से संबंधित बौद्धि पथ कार्यशाला व पर्यावरण जल संरक्षण चौपाल का आयोजन किया गया। आयोजित कार्यक्रम में जनपद के शिक्षक, प्राचार्य, शिक्षाविद, अधिवक्ता, पर्यावरण विद, समाजसेवियों के अलावा गायत्री परिवार, संघ विचार परिवार आर्य समाज समेत भारी संख्या में शिक्षार्थी उपस्थित रहे।
अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान लखनऊ (संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में आयोजित बोधि पथ कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद बहराइच डॉ. आनंद कुमार गोंड ने कहा कि भगवान बुद्ध ने समूचे विश्व को करुणा, सामाजिक समरसता, अहिंसा व मानवता का संदेश देकर समूचे मानव जगत पर बहुत बड़ा उपकार किया है। उनकी शिक्षाओं को ग्रहण कर हम समाज में अराजकता, हिंसा व दुराचार को समाप्त कर मानवता व समाज को प्रभावी रूप से विकसित तथा संरक्षित कर सकते हैं। उन्होंने आवाहन किया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक है कि हम अधिकाधिक संख्या में पेड़ लगाए और उनका संरक्षण भी करें।
विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वदानंद ने कहा कि पर्यावरण का हमारे जीवन में बहुत महत्व है जल व पर्यावरण संरक्षण के लिए हम लोग मिलकर विद्यालयों व शिक्षण संस्थानों में सामूहिक रूप से सघन वृक्षारोपण व रोपित वृक्षों का संरक्षण करें ताकि वातावरण मानवानुकूल बना रह सके। नगर मजिस्ट्रेट राजेश प्रसाद ने वृहद वृक्षारोपण अभियान में हर संभव सहयोग देने की बात कही। क्षेत्राधिकारी नगर श्रीनारायण मिश्र ने विद्यालय के अलावा जलायशय, झील व जलीय स्थानों के किनारे अधिकाधिक संख्या में पेड़ रोपित करने का आवाह्न किया।
आयोजक संजीव श्रीवास्तव एडवोकेट अध्यक्ष महामना मालवीय (अवध) ने बताया कि संस्कृत विभाग के तत्वावधान में समूचे जनपद में पर्यावरण जल संरक्षण अभियान को गति देने के लिए शिक्षण संस्थानों में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है तथा पंचवटी प्रजाति के वृक्षों रोपित कर उन्हें संरक्षित करने का प्रभावी प्रयास भी किया जा रहा है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष हरिश्चंद्र गुप्ता ने पर्यावरण व जल संरक्षण अभियान को और अधिक गतिशील बना कर अभियान से जन जन को जोड़ने का आवाह्न किया।
पर्यावरण विद राकेश चंद्र श्रीवास्तव ने सरयू नदी को बहराइच वासियों के लिए जीवन रेखा बताते हुए इसे सदा नीरा व सरस सलिला तथा पेय जल बनाए रखने के लिए विशेष साफ सफाई अभियान व तटीय इलाकों में संघन वृक्षारोपण अभियान हेतु जन जागरण अभियान चलाए जाने का आवाह्न किया तथा इस हेतु कार्ययोजना पर विशेष प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बौद्ध धर्म प्रचारक भंते विमल तिस्त ने भगवान बुद्ध के जीवन दर्शन को विश्व के लिए अनुकरणीय बताते हुए शांति एवं एकता का प्रभावी संदेश दिया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण अभियान में हर संभव सहभागिता का आवाह्न किया।
कार्यक्रम का संचालन प्रबंधक शिक्षाविद आर पी एन श्रीवास्तव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्राचार्या दिलशाद बानो ने किया। आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिक्षाविद डॉ तस्मीम फातिमा जैदी, समाजसेविका डॉ. अनीता जायसवाल, रश्मि पाण्डेय, योगाचार्य सुशील कुमार, डॉ कपिल शुक्ला, रामरूप मिश्रा एडवोकेट, आलोक शुक्ला एडवोकेट, समाजशास्त्री वीरेंद्र श्रीवास्तव, पर्यावरण विद मोहम्मद सलीम, डॉ राधेश्याम श्रीवास्तव, राजेश मिश्र, संघ विचारक अर्जुन कुमार दिलीप, समाजसेवी मनीष रस्तोगी, समाजसेवी जतिन गुप्ता, ओम प्रकाश सक्सेना समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। समापन अवसर पर महामना मालवीय मिशन की ओर से पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्ष रोपित करने व उन्हें संरक्षित करने के लिए शपथ भी दिलाया गया तथा उत्कृष्ट विद्यार्थियों को पंचवटी प्रजाति के वृक्ष देकर सम्मानित किया गया।
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