रूबे प्रताप मौर्य और नित्यानंद यादव की जांबाजी से टला बड़ा हादसा, सरयू नदी में डूबती मां-बेटी को जल पुलिस ने सुरक्षित बचाया

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। धार्मिक नगरी अयोध्या में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सरयू नदी में स्नान के दौरान गहरे पानी में जाकर डूब रही छह वर्षीय मासूम और उसे बचाने उतरी मां को जल पुलिस के जांबाज जवानों और स्थानीय नाविकों ने अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ की हर तरफ सराहना हो रही है। स्नान के दौरान अचानक गहरे पानी में गईं मां-बेटी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार (24 मई) सुबह लगभग 07:00 बजे थाना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के अंतर्गत केंद्रीय जल आयोग केंद्र के सामने सरयू घाट पर श्रद्धालु स्नान कर रहे थे। इसी दौरान महाराष्ट्र के नागपुर (प्लॉट नंबर 317, मानेवाड़ा बेसा रोड, श्रीकृष्णा नगर) से परिवार संग आईं ईश्वरी (उम्र लगभग 06 वर्ष) पुत्री गजानंद धनुष्कार स्नान करते समय अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। बेटी को डूबता देख उसे बचाने के लिए मां सरोज (उम्र लगभग 38 वर्ष) पत्नी गजानंद धनुष्कार ने आगे हाथ बढ़ाया, लेकिन नदी की तेज धारा के कारण वह भी खुद को संभाल नहीं पाईं और मां-बेटी दोनों नदी के वेग में फंसकर डूबने लगीं। घाट पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। जल पुलिस और नाविकों ने तत्परता से चलाया रेस्क्यू
घाट पर मची चीख-पुकार को सुनकर वहां ड्यूटी पर तैनात जल पुलिस की टीम और स्थानीय नाविक तत्काल एक्शन में आए। जल पुलिस प्रभारी हेड कांस्टेबल रूबे प्रताप मौर्य, कांस्टेबल नित्यानंद यादव तथा नाविक बुद्धू माझी व गणेश माझी ने बिना एक पल गंवाए सरयू नदी की तेज धारा में छलांग लगा दी। चारों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए डूब रही मां-बेटी को पानी के भीतर से खींच निकाला और सुरक्षित तट पर लेकर आए। परिजनों ने जताया आभार: नदी से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद जल पुलिस ने दोनों को पूरी तरह सकुशल उनके रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों और वहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने रूबे प्रताप मौर्य, नित्यानंद यादव और नाविकों को देवदूत बताते हुए पूरी टीम का हाथ जोड़कर आभार व्यक्त किया। (सौजन्य जल पुलिस अयोध्या) सरयू नदी में बढ़ रहे जलस्तर और तेज धारा को देखते हुए प्रशासन एवं जल पुलिस ने श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। लापरवाही से बचें: आए दिन लोग गहरे पानी, तेज धारा और असावधानी के कारण हादसों का शिकार हो जाते हैं। नदी के बीच धारा की ओर जाने से बिल्कुल बचें।
बच्चों पर रखें नजर: छोटे बच्चों को घाट पर कभी भी अकेला न छोड़ें, स्नान के समय उनका हाथ हमेशा पकड़कर रखें। चेतावनी संकेतों का करें पालन निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें और घाटों पर लगे चेतावनी संकेतों व नियमों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जल पुलिस को सूचना दें। आपकी सतर्कता ही आपकी सुरक्षा है।