महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धाम।राम नगरी अयोध्या में भक्ति और सेवा की अटूट परंपरा को जीवंत करते हुए चौधरी चरण सिंह घाट स्थित ‘हनुमत सिया रघुनाथ सदन’ में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में अयोध्या के प्रतिष्ठित साधु-संतों के साथ-साथ भारी संख्या में गृहस्थ श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर प्रसाद ग्रहण किया।
भक्तिमय रहा परिवेश
कार्यक्रम का शुभारंभ ‘।। श्री सीतारामभ्यां नमः ।।’ के पावन जयघोष के साथ हुआ। मंदिर परिसर संतों के आगमन से आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखा। महंत राम सुन्दर शरण की अध्यक्षता में आयोजित इस दिव्य संत भोज में विभिन्न अखाड़ों, आश्रमों और मंदिरों के महंतों ने शिरकत की। संतों ने सामूहिक भोज में शामिल होकर आयोजन को गरिमामयी बनाया और उपस्थित भक्तों को मंगल आशीष प्रदान किया। समरसता का दिखा संगम भंडारे में वीआईपी संस्कृति से दूर सामाजिक समरसता की अनूठी झलक देखने को मिली। जहाँ एक ओर विशिष्ट संत समाज प्रसाद पा रहा था, वहीं दूसरी ओर स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए गृहस्थ श्रद्धालुओं ने भी कतारबद्ध होकर भोजन प्रसाद ग्रहण किया। सेवादारों ने तत्परता दिखाते हुए सभी आगंतुकों की सुव्यवस्थित ढंग से सेवा की। मुख्य मेजबान महंत राम सुन्दर शरण ।प्रमुख उपस्थिति अयोध्या धाम के विभिन्न अखाड़ों के विशिष्ट साधु-संत। स्थान हनुमत सिया रघुनाथ सदन, चौधरी चरण सिंह घाट। महंत राम सुन्दर शरण ने बताया कि संतों की सेवा और भंडारा प्रभु की कृपा का माध्यम है। उन्होंने कार्यक्रम में पधारे सभी संतों और भक्तों के प्रति आभार प्रकट किया। देर शाम तक चले इस भंडारे की चर्चा पूरे घाट क्षेत्र में रही, जिसे श्रद्धालुओं ने भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम बताया।