अयोध्या। ध्यान को लेकर समाज में फैली गलत धारणाओं पर श्यामला स्पिरिचुअल फाउंडेशन की संस्थापक दीप्ती नदेल्ला ने स्पष्ट किया कि ध्यान किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर व्यक्ति के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग मानते हैं कि ध्यान केवल बुजुर्गों के लिए होता है या इसे करने में बहुत समय और कठिन साधना लगती है, जबकि ऐसा नहीं है।
उन्होंने बताया कि ध्यान एक सरल प्रक्रिया है जिसे कोई भी व्यक्ति अपने दैनिक जीवन में आसानी से अपना सकता है। ध्यान करते समय मन में विचार आना स्वाभाविक है और इसे असफलता नहीं समझना चाहिए। नियमित अभ्यास से व्यक्ति मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त कर सकता है।
दीप्ती नदेल्ला ने यह भी कहा कि ध्यान समय की बर्बादी नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए तनाव, भय, चिंता, रिश्तों में समस्याएं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से भी काफी हद तक राहत मिल सकती है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और इसके माध्यम से एक स्वस्थ, शांत और सकारात्मक जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।