जिंदगी की जंग हार गया शेषमणि: डेढ़ महीने बाद मौत, भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार

जिंदगी की जंग हार गया शेषमणि: डेढ़ महीने बाद मौत, भारी सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार

रिपोर्टर अनुराग उपाध्याय

बाघराय (प्रतापगढ़): बीते 6 जनवरी को गोगौर के पास हुए जानलेवा हमले में घायल शेषमणि ने आखिरकार शनिवार को दम तोड़ दिया। लगभग डेढ़ महीने तक प्रयागराज के SRN अस्पताल में मौत से जूझने और चार बड़े ऑपरेशनों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। रविवार देर शाम बाघराय पुलिस और ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष की मौजूदगी में गमगीन माहौल के बीच मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

 

क्या थी पूरी घटना?

 

गोगौर ग्राम प्रधान पिंटू सिंह के यहाँ कार्यरत शेषमणि पर 6 जनवरी की रात करीब 8 बजे अज्ञात हमलावरों ने उस वक्त हमला किया था, जब वह घर लौट रहा था। हाईवे की पहली छोटी पुलिया के पास हमलावरों ने धारदार और नुकीले हथियारों से शेषमणि के सिर पर वार कर उसे मरणासन्न कर दिया था।

मदद के लिए आगे आए ग्राम प्रधान

इलाज के दौरान ग्राम प्रधान पिंटू सिंह ने संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। उन्होंने न केवल इलाज की भाग-दौड़ की, बल्कि उपचार में आए करीब 5 लाख रुपये का खर्च और अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी भी स्वयं वहन की। प्रधान के इस नेतृत्व पर परिजनों ने भी पूरा भरोसा जताया है।

पुलिस की कार्रवाई: गिरफ्त में एक संदिग्ध

शेषमणि की मौत के बाद अब बाघराय पुलिस एक्शन मोड में है।

पूछताछ जारी: पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है जिससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

जल्द होगा खुलासा: थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि अन्य आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और जल्द ही मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।

परिजनों की अपील: ‘न्याय हो, अन्याय नहीं’

ग्राम प्रधान पिंटू सिंह और मृतक के परिजनों ने पुलिस प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि जांच विस्तृत और सटीक होनी चाहिए। उनका कहना है कि “दोषी किसी भी कीमत पर न बचें, लेकिन कोई बेगुनाह जेल न जाए।” रविवार को अंतिम संस्कार के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।