अयोध्या/माचाड़ी (अलवर)/दिल्ली: देशभर में गौ माता के सम्मान और संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनजागरण अभियान की शुरुआत हो चुकी है। ब्रज धाम के संतों के आह्वान पर ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन द्वारा संचालित “गौ सम्मान आह्वान अभियान” अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले रहा है। इस मुहिम में हजारों की संख्या में संत, ऋषि-मुनि और युवाओं के साथ-साथ महिलाएं भी अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज करा रही हैं।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्म दास ने राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी नागपाल शर्मा माचाड़ी को बताया कि आगामी 27 अप्रैल को पूरे देश में “गौ सम्मान दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक दिन पर भारत की सभी तहसीलों के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। संगठन की प्रमुख मांग है कि गौ माता के संरक्षण और सम्मान के लिए ठोस कानून बनाया जाए और उन्हें ‘गौ राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिया जाए। महिलाओं ने संभाली कमान
अभियान की सबसे खास बात इसमें नारी शक्ति का बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना है। जनजागरण कार्यक्रमों में महिलाएं न केवल सक्रिय हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने का नेतृत्व भी कर रही हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष संत धर्मदास ने कहा कि भारतीय परंपरा में घर की पहली रोटी गाय के लिए निकाली जाती है। यही कारण है कि मातृशक्ति गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सबसे आगे आकर संघर्ष कर रही है। समाज से एकजुट होने की अपील
संगठन के पदाधिकारियों ने अपील की है कि गौ माता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं का आधार हैं। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर 27 अप्रैल को होने वाले कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हों, ताकि गौ माता की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित किया जा सके।