*बरेली में वेदवाणी*आचार्य सुरेश जोशी

🕉️ *ओ३म्* 🕉️
*बरेली में वेदवाणी*
आज भारत सहित विश्व के सभी देशों में *यत्र तत्र सर्वत्र* सत्संगों का आयोजन होता है।सभी मत-पंथ-महजब-सम्प्रदायों के विद्वान तन-मन-धन से अपनी अच्छी-अच्छी बातों को रखते हैं।ऐसे मैं *आर्य समाज* एक मात्र ऐंसा क्रांतिकारी संगठन जो *अच्छी के साथ सच्ची बातें* भी कहता हे।जहां अन्य संगठन *भावनात्मक उपदेश* द्वारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करके अपनी ओर अग्रसर करते हैं ठीक इसके विपरीत *आर्य विद्वान* बौद्धिक एवं सैद्धान्तिक उपदेशों से सर्व समाज को *वेद, दर्शन, ऋषियों व सत्य सनातन वैदिक संस्कृति* को जानने के लिए प्रेरित करते हैं।
भारत के महान एवं पूर्वज ऋषि मनु महाराज ने उत्कृष्ट मानव का मानचित्र खींचते हुए कहा कि प्रत्येक मानव चाहे वो नर हो या नारी उन्हेऔ प्रतिदिन पांच अनिवार्य कर्मों को करना ही करना है ये पांच कर्म हैं।
*[१]* प्रात:एवं सायंकाल सर्वनियंता ईश्वर का ध्यान अर्थात चिंतन।
*[२]* आकाश, वायु, अग्नि, जल, पृथिवी इन पांच महातत्वों की शुद्धि के लिए दैनिक हवन करना।
*[३]* जिस माता पिता ने जन्म दिया व उनकी सेवा व उनकी आज्ञाओं का पालन कर जीते जी उनका श्राद्ध-तर्पण करना।
*[४]* जिन आचार्यों ने जीवन जीने की कला सिखाई, धर्म का परिचय कराया उनके प्रति श्रद्धा व उनके कार्यों को आगे बढ़ाकर उनके ऋण से उऋण होने के लिए पुरुषार्थ करना!
*[५]* परिश्रम, ईमानदारी से प्राप्त धन से जो अन्न प्राप्त किया है उसको अकेले न भोगकर *पशु-पक्षियों, कृमियो व भिक्षुकों को योग्यतानुसार अन्न, धन, वस्त्र, सेवादि का दान करना।*
महर्षि मनु महाराज ने इन पांच कार्यों को *पंचमहायज्ञ नाम* देकर कहा इनको करना अनिवार्य है जो नहीं करेगा वो बार-बार *पुनर्जन्म* के चक्कर में आकर दुखों को भोगता रहेगा!
उक्त विचार *आर्य समाज मंदिर विहारीपुर बरेली के *एक सौ तैंतालिसवे वार्षिक उत्सव १४३* पर बाराबंकी से पधारे वैदिक विद्वान *आचार्य सुरेश जोशी बाराबंकी* द्वारा दिये गये।इस अवसर पर बाराबंकी से पधारी *वैदिक भजनोपदेशिका रुक्मिणी शास्त्री व बरेली के यशस्वी भजनोपदेशक पंडित जीतेंद्र जी ने मधुर भजनोपदेश सुनाया। आर्य समाज भूड़ बरेली के यशस्वी पुरोहित श्री चंद्रदेव शास्त्री ने वैदिक सत्संग में प्रतिभाग किया।यह सत्संग प्रतिदिन प्रात:काल सात बजे से प्रात: १० बजे तक एवं रात्रि आठ बजे से रात्रि १० बजे तक *आर्य समाज मंदिर बिहारीपुर बरेली के प्रांगण* में हो रहा है।
आचार्य सुरेश जोशी।
*7985414636*