विकास खण्ड जरवल में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान तेज
घर-घर कराया जा रहा है फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन
बहराइच 12 फरवरी। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जरवल ब्लॉक में सामूहिक दवा सेवन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन में आशा, आंगनबाड़ी व स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिला रहे हैं, ताकि संक्रमण की श्रृंखला टूटे और नए मामलों को रोका जा सके। अभियान के लिए 510 स्वास्थ्य टीमें गठित की गई हैं, जो अपने सामने 2.88 लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाना सुनिश्चित करेंगी। इसके लिए 43 सुपरवाइजर भी लगाए गए हैं।
इसी क्रम में ग्राम तपेसिपाह में आशा कार्यकर्ता गुड़िया देवी को 1200 लोगों को दवा सेवन कराने की जिम्मेदारी मिली है। दो दिनों में वह 105 लोगों को दवा खिला चुकी हैं। वह पहले यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई भी व्यक्ति खाली पेट न हो। गुड़िया बताती हैं कि जो लोग अन्य बीमारियों की दवा ले रहे हैं, उन्हें दो घंटे का अंतर रखकर दवा खिलाई जाती है। इसके लिए उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा प्रशिक्षित किया गया है और बताया गया है कि यह दवा गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों व गंभीर रोगियों को छोड़कर सभी के लिए सुरक्षित है।
दिन के समय कई छात्र, मजदूर, नौकरीपेशा और दुकानदार घर पर नहीं मिलते। ऐसे में उनके परिजनों को संदेश दिया जाता है कि संबंधित व्यक्ति घर लौटकर भोजन के बाद संपर्क कर दवा अवश्य सेवन कर ले। गुड़िया देवी दवा किसी को घर ले जाने के लिए नहीं देतीं और कहती हैं कि दवा उनके सामने ही खिलाई जाएगी, ताकि सही खुराक सुनिश्चित हो सके।
अभियान के दौरान स्वास्थ्य टीम ने लोगों को यह भी बताया कि दवा सेवन के बाद हल्का बुखार या चक्कर आना सामान्य प्रक्रिया है, जो शरीर में मौजूद फाइलेरिया के सूक्ष्म कृमियों के नष्ट होने का शुभ संकेत है। दरअसल असली खतरा दवा न लेना है, क्योंकि एक संक्रमित व्यक्ति पूरे गांव को जोखिम में डाल सकता है। किसी भी समस्या के लिए उनसे संपर्क किया जा सकता है इसके लिए चिकित्सीय टीम भी मौजूद है। ग्राम तपेसिपाह में पहले से तीन फाइलेरिया मरीज चिन्हित हैं। इसे देखते हुए ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ रही है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. कुंवर रितेश का कहना है कि समय पर सामूहिक दवा सेवन से संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।
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