डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक

डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जल जीवन मिशन की समीक्षा बैठक

 

बहराइच 12 फरवरी। जल जीवन मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत क्रियान्वित की जा रही पाइप पेयजल योजनाओं की समीक्षा हेतु विगत दिवस कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन करते हुए अधि.अभि. जल निगम सूरज वर्मा ने बताया कि आर.पी.डब्लू.एस.एस. अन्तर्गत अब तक 362 योजनाओं की आई.डी. बनायी जा चुकी है। डीएम ने निर्देष दिया कि समस्त ग्रामों की आई.डी. शीघ्र बनाना सुनिश्चित करें। श्री वर्मा ने बताया कि 36 राजस्व ग्राम का जल सेवा आंकलन का कार्य पूर्ण कराया जा चुका है, शेष का कार्य प्रगति पर है। डीएम ने निर्देश दिया कि समस्त लक्षित ग्रामों में एक सप्ताह के अन्दर कार्य पूर्ण कराया जाय।

नल जल मित्र की समीक्षा के दौरान बताया गया कि कार्यवाही प्रारम्भ करा दी गयी है तथा दो नल जल मित्र का नामिनेशन कराया जा चुका है तथा शेष की सूंची जिला पंचायत राज अधिकारी बहराइच द्वारा तैयार करायी जा रही है। इस सम्बन्ध में डीएम द्वारा अधिशासी अभियन्ता एवं जिला पंचायत राज अधिकारी को निर्देश दिया गया कि आपसी समन्वय स्थापित करते हुए उक्त कार्य को यथा शीघ्र पूर्ण कराते हुए पोर्टल पर अपलोड कराना सुनिश्चित करें।

अधि.अभि. श्री वर्मा ने बताया कि कार्यदायी फर्म मेसर्स पी.एन.सी.-एस.पी.एम.एल.(जे.वी.), द्वारा 599 नग पाइप पेयजल योजनाओं में से 75 नग पाइप पेयजल योजनाओं में शिरोपरि जलाशय के माध्यम से पानी का संचालन किया जा रहा है जिसमें से 36 नग पाइप पेयजल योजनाओं को पूर्ण करते हुए राख-रखाव कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। वर्तमान में फर्म द्वारा जिन पाइप पेयजल योजनाओं का कार्य 90 से 80 प्रतिशत पूर्ण है उनको प्राथमिकता पर कार्य पूर्ण कराते हुए रख-रखाव में ले जानें हेतु लक्षित किया गया है। 64 नग पाइप पेयजल योजनाओं पर मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण कराकर रख-रखाव में लानें हेतु लक्षित किया गया है। डीएम द्वारा निर्देशित किया गया कि वितरण प्रणाली बिछाये जानें हेतु खोदी गयी सड़कों को पुर्नस्थापना कार्य में विशेष ध्यान दिया जाये तथा अवशेष पाइप पेयजल योजनाओ के सत्यापन हेतु संयुक्त निरीक्षण कराया जाय।

डीएम श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिया कि पूर्ण की गयी योजनाओं के सम्बन्ध में विकास भवन में योजनाओं के संचालन का फीडबैक प्राप्त करनें हेतु एक काल सेन्टर स्थापित किया जाए तथा जिस हेतु जे.जे.एम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित पेयजल के आंकड़ों से मिलान करते हुए यदि उसमें किसी भी प्रकार की भिन्नता प्रदर्शित होती है तो उसे ससमय निस्तारित करया जाये। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि पूर्ण की गयी समस्त योजनाओं के सम्बन्ध में विकास खण्ड स्तर पर एक समन्वय बैठक आयोजित कर ली जाए जिसमें खण्ड विकास अधिकारी, जल निगम के जूनियर इंजीनियर, फर्म के ब्लाक हेड (मेनटेनेन्श हेतु नामित) बैठक करते हुए योजनाओं के संचालन/आने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु आपसी समन्वय बनाना सुनिश्चित करें तथा प्रत्येक माह ब्लाक स्तर पर इसके सम्बन्ध में एक बैठक अवश्य आयोजित की जाय।

जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि पूर्ण की गयी समस्त योजनाओं के सम्बन्ध में ग्राम पंचायत स्तर पर एक समन्वय बैठक आयोजित कर ली जाए जिसमें ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, जूनियर इंजीनियर/जिला समन्वय कार्यालय (डी.पी.एम.यू.) के अधिकारी/कर्मचारी, मेनटेनेन्श हेतु फर्म के नामित प्रतिनिधि योजनाओं के संचालन/आने वाली समस्याओं के निराकरण हेतु आपसी समन्वय से योजना को संचालित कराएं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, जल निगम (ग्रामीण) बहराइच के अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता व फर्मो के प्रतिनिधि तथा जिला समन्वयक कार्यालय के कार्मिक मौजूद रहे।

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