लखनऊ।स्पेशल ओलंपिक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करने वाले 32 वर्षीय खिलाड़ी वासु तिवारी को रविवार को पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने अपने लखनऊ स्थित आवास पर मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री नरेंद्र कश्यप ने वासु तिवारी की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके साहस, अनुशासन और मेहनत को प्रेरणास्रोत बताया तथा भविष्य में हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया।मंत्री नरेंद्र कश्यप ने बताया कि वासु तिवारी ने मार्च 2025 में इटली के ट्यूरिन शहर में आयोजित स्पेशल ओलंपिक स्नोशूइंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 50 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और 25 मीटर दौड़ में रजत पदक हासिल कर भारत का गौरव बढ़ाया। इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में दुनिया के लगभग 150 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिसमें वासु का प्रदर्शन विशेष रूप से सराहनीय रहा।वासु तिवारी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर उन्हें इटली से लौटने के बाद संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उन्हें सम्मान प्रदान कर चुकी हैं। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि इतनी कम उम्र में वासु ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण के साथ यह मुकाम हासिल किया है, वह प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शीघ्र ही वासु तिवारी की मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कराई जाएगी, ताकि उन्हें प्रदेश सरकार की ओर से और अधिक प्रोत्साहन मिल सके।मंत्री ने वासु को आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भाग लेकर देश और उत्तर प्रदेश का नाम और ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांग खिलाड़ियों के सशक्तिकरण और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है और वासु जैसे खिलाड़ी इन प्रयासों की सफलता का जीवंत उदाहरण हैं।बताया गया कि इटली में आयोजित स्पेशल ओलंपिक प्रतियोगिता के लिए वासु तिवारी का विशेष प्रशिक्षण हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित नारकंडा में कराया गया था। इस प्रतियोगिता में भारतीय दल ने कुल 33 पदक जीते, जिनमें छह स्वर्ण, 18 रजत और सात कांस्य पदक शामिल हैं, जिससे भारत का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेहद प्रभावशाली रहा।वासु तिवारी मूल रूप से अयोध्या जनपद के निवासी हैं। उनकी माता डॉ. संगीता तिवारी पशुपालन निदेशालय में अपर निदेशक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पिता डॉ. अशोक कुमार तिवारी केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली) के निदेशक रह चुके हैं। वासु की इस सफलता में जीवन धारा पुनर्वास केंद्र, बरेली के साथ-साथ कोच आकाश सक्सेना और शिवा का महत्वपूर्ण सहयोग और मार्गदर्शन रहा, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को निखारने में अहम भूमिका निभाई।