अयोध्या में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए महाभियान 10 से, 4.93 लाख लोगों को दी जाएगी सुरक्षा

 

तारुन और मयाबाजार ब्लॉक में घर-घर जाकर दवा खिलाएंगी 495 टीमें – 10 फरवरी को ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस’ और 16 से ‘एमआर वैक्सीन’ का भी चलेगा विशेष अभियान

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या। जनपद को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। आगामी 10 से 28 फरवरी तक तारुन और मयाबाजार विकासखंडों में सामूहिक दवा सेवन (MDA) अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लगभग 4.93 लाख की लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। मंगलवार को सीएमओ सभागार में आयोजित मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेन्द्र कुमार भिटौरिया ने यह जानकारी साझा की। भ्रांतियां त्यागें, सुरक्षित है दवा सीएमओ डॉ. भिटौरिया ने बताया कि फाइलेरिया एक लाइलाज और दिव्यांग बनाने वाली बीमारी है। वर्तमान में जनपद में 1334 हाथीपांव और 11 हाइड्रोसील मरीज पंजीकृत हैं। उन्होंने अपील की कि लोग स्वस्थ दिखने पर भी दवा का सेवन जरूर करें, क्योंकि इस बीमारी के लक्षण संक्रमण के कई वर्षों बाद सामने आते हैं। दवा पूरी तरह सुरक्षित है और मामूली लक्षण जैसे हल्का बुखार या चक्कर आना इस बात का संकेत है कि दवा शरीर में मौजूद सूक्ष्म कृमियों को नष्ट कर रही है। अभियान की रूपरेखा और तैयारी एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. पीसी भारती ने बताया कि हालिया नाइट ब्लड सर्वे में तारुन और मयाबाजार ब्लॉक संवेदनशील पाए गए हैं। टीमें: अभियान के लिए 495 टीमें और 87 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। दवाएं 12.32 लाख डीईसी, 12.32 लाख आइवरमेक्टिन और 4.93 लाख एल्बेंडाजोल टैबलेट उपलब्ध कराई गई हैं। पात्रता 2 वर्ष से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों को छोड़कर सभी को स्वास्थ्य कर्मियों के सामने दवा लेनी होगी। 10 फरवरी को मनेगा राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस जिला मलेरिया अधिकारी मंजुला आनंद ने बताया कि 10 फरवरी को तारुन और मयाबाजार को छोड़कर जनपद के शेष 9 ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय कृमि मुक्त दिवस मनाया जाएगा। इसमें 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। जो बच्चे छूट जाएंगे, उन्हें 13 फरवरी को ‘मॉप-अप’ राउंड में दवा दी जाएगी।
1.89 लाख बच्चों को लगेगी मीजल्स-रूबेला की अतिरिक्त डोज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 16 से 27 फरवरी तक एमआर (मीजल्स-रूबेला) कैंपेन भी चलाया जाएगा। इसके तहत जनपद के करीब 2600 स्कूलों और मदरसों में कक्षा 1 से 5 तक पढ़ने वाले (5 से 10 वर्ष के) लगभग 1.89 लाख बच्चों को वैक्सीन की एक अतिरिक्त डोज दी जाएगी। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, डिप्टी सीएमओ डॉ. पी.के. गुप्ता, डॉ. दीपक पांडे और सीफार (CFAR) व पीसीआई के प्रतिनिधि मौजूद रहे।