परमात्मा जिसे मारते हैं उसे भी तारते हैं

परमात्मा जिसे मारते हैं उसे भी तारते हैं

श्री बाबा झुंगीनाथ धाम में श्रीमद्भागवत कथा

बस्ती। श्री बाबा झुंगीनाथ धाम में 7 दिवसीय सरस संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा एवं श्रीश्री विष्णु महायज्ञ और सन्त सम्मेलन में व्यासपीठ से कथा के पांचवे दिन कथा व्यास दया निधि गोस्वामी जी महाराज ने कहा कि जीवन कर्म भूमि है और उसका उचित अनुचित फल भोगना पड़ता है। जीवन को जितना सहज बनाकर प्रभु को अपर्ण करेंगे जीवन में उतनी ही शांति मिलेगी।

कथा पाण्डाल में श्री कृष्ण जन्मोत्सव आनन्द के साथ मनाया गया। श्रद्धालु भक्तजनों ने श्रीकृष्ण का दर्शन कर अपनी प्रसन्नता को व्यक्त किया। ‘‘भये प्रकट कृपाला, दीन दयाला’’ के बीच गुब्बारे उडाकर मिठाई का वितरण हुआ। अवतार कथा का विस्तार से वर्णन करते हुये महात्मा जी ने कहा कि सृष्टि में जब पापाचार, दुराचार बढ जाता है तो परमात्मा विविध रूप धारण कर नर लीला करते हुये पृथ्वी को पाप से मुक्त करते हुये सदाचरण सिखाते हैं। प्रत्येक अवतार के पीछे लोक मंगल की कामना छिपी है। ईश्वर भक्तों की सुख शांति के लिये स्वयं कितना कष्ट भोगते हैं यह भक्त ही जानते हैं। महात्मा जी ने कहा कि परमात्मा जिसे मारते हैं उसे भी तारते हैं। उन्हें सत्ता नहीं संत और सहजता प्रिय है।

यज्ञाचार्य, मनोज पाण्डेय ने विधि विधान से पूजन अर्चन कराया। यज्ञ के आयोजक पं0 धु्रवचन्द्र पाठक व यज्ञ यजमान डी.एम.तिवारी, विनोद पाण्डेय , शीतला गोस्वामी , हरिओम तिवारी , दिनेश पाण्डेय , जय प्रकाश दास ,उदय नारायण पाठक, उर्मिला त्रिपाठी, (मंदिर पुजारी) शीतला गोसाई, देवी प्रसाद गोस्वामी, सीता पाठक, रंजना पाठक , सुधांशु पाठक, अंकुर पाठक , शुभम् पाठक , भावेश पाण्डेय , माता बदल, उदय नारायण पाठक , महेंद्र पाठक , शानू पाठक, जगदम्बा पाण्डेय, सुधांशु पाठक, शुभम पाठक, रंजना पाठक , सीता पाठक , राघवेंद्र पाठक, गुरू प्रसाद गुप्ता व क्षेत्र के अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।