*मनोरमा सफाई हेतु बैठक कर रणनीति का हुआ ऐलान*
*पांच फरवरी को जिलाधिकारी को मांग पत्र एक माह में सफाई नहीं तो होगा आर पार का संघर्ष- सुदामा*
शक्ति शरण उपाध्याय
बस्ती। वरिष्ठ समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा के नेतृत्व में आज हर्रैया विधानसभा स्थिति मखौड़ा मंदिर परिसर में वर्षों से उपेक्षित मनोरमा नदी की सफाई सुनिश्चित कराने हेतु बैठक कर रणनीति तैयार किया गया बैठक में सभी ने एक स्वर में मखभूमि मखौड़ा में गंदे नाले के रूप में परिवर्तित घृत नाला बदहाल घाटों व अपूर्ण मंदिर के साथ साथ नदी में व्याप्त गंदगी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मनोरमा सफाई तत्काल मनरेगा मजदूरों व सफाई कर्मियों के साथ साथ मशीन से सुनिश्चित कराने जल का प्रचुरता हेतु घाघरा को मनवर से मिलाने मंदिर परिसर में कूडादान रखने व सफाई कर्मी तैनात करने तथा नदी में अपशिष्ट पदार्थ डालने वालों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्यवाही सुनिश्चित कराते हुए मनोरमा को अविरल निर्मल बनाने नदी सीमा का सीमांकन कर कृषि कार्य व दुकान मकान स्कूल अस्पताल के नाम पर व्याप्त अतिक्रमण समाप्त कराने तथा नदी तट पर लगने वाली मांस मछली की दुकानों को हटाते जाने के श्री पाण्डेय के मांगों का समर्थन किया बैठक में कुछ लोगों द्वारा बताया गया कि मनोरमा व रामरेखा नदी की सफाई हेतु वीडियो की मिली भगत से मनरेगा बजट खारिज कर बंदरबांट कर लिया जाता है श्री पाण्डेय ने उसका भी जांच कराने तथा मखौड़ा मंदिर में व्याप्त अनियमितता हेतु वीडियो पर कार्यवाही सुनिश्चित कराने का प्रस्ताव रखा श्री पाण्डेय ने कहा कि माना कि मेरे संघर्ष उपरान्त सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ जी के पहले उपरान्त कहीं कहीं पर घाटों का निर्माण व आंशिक सफाई कुछ वर्ष पूर्व हुआ किन्तु जहां सफाई हुई वहां भी आज व्यापक मलिनता व्याप्त है इतने पौराणिक स्थल पर न तो आज तक दिव्य भव्य मंदिर बन सका न सौंदर्यीकरण हो सका जो निर्माण हुआ वो भी निर्माण एजेंसियों ने निरीक्षण के अभाव में भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ा दिया इस बदहाली के विरुद्ध जनता को लामबंद होना पड़ेगा तभी हमारे उत्थान व पहचान की प्रतीक मनोरमा की सफाई व पौराणिक महत्व के इन स्थलों का विकास होगा नदी स्वच्छ होगी तो हम स्वस्थ रहेंगे व दवा पर खर्च होने वाले हमारे धन का बचत होगा उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन नदियों को साफ नहीं करा सकता तो प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर कंपनियों व ईंट भट्ठे से लिया जाने वाला पर्यावरण क्षतिपूर्ति ईसी व सेस लेना बंद करें या मनोरमा पुनरुद्धार समिति को दे समिति नदियों को स्वच्छ करने का काम निष्पादित करेगा।इस मौके पर संतोष श्रीवास्तव, अवधेश पाठक, विवेक चौधरी, कन्हैया मौर्या,अजय पाठक, विक्रांत पाण्डेय,प्रभूनाथ पाण्डेय, अखिलेश पाण्डेय,बब्बू शुक्ला, ईश्वर शर्मा,राम शब्द जयसवाल, पन्नालाल शर्मा, दिनेश सिंह मगन, रजनीश, राजीव,पवन,गोलू सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।