सीडीए एकेडमी मथौली बनकटी में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन व बसंतोत्सव का भव्य आयोजन

सीडीए एकेडमी मथौली बनकटी में बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन व बसंतोत्सव का भव्य आयोजन

 

माँ सरस्वती की आराधना के साथ शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास का दिया गया संदेश

 

बस्ती/बनकटी। बसंत पंचमी की शुभ वेला में ज्ञान, विवेक और वाणी की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ सीडीए एकेडमी मथौली बनकटी में बसंतोत्सव का पर्व श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने विधिविधान से माँ सरस्वती की पूजा कर विद्या, बुद्धि और संस्कार की कामना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिससे पूरा परिसर बसंती रंग में रंग गया। बच्चों के उत्साह और अनुशासन ने कार्यक्रम को और भी गरिमामय बना दिया।

इस अवसर पर सीडीए एकेडमी की प्रबंध निदेशक डॉ. अरुणा सिंह पाल ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं क्षेत्रवासियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बसंत पंचमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। माँ सरस्वती की कृपा से ही व्यक्ति ज्ञान और विवेक के मार्ग पर आगे बढ़ता है।

डॉ. अरुणा सिंह पाल ने कहा कि सीडीए एकेडमी प्रारंभ से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रही है। विद्यालय का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण और मानसिक विकास पर विशेष ध्यान देना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सत्र 2026-27 के लिए विद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। जिन अभिभावकों को अपने पाल्यों का नामांकन कराना है, वे रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं अथवा सीधे विद्यालय आकर प्रवेश ले सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्षों से सीडीए एकेडमी क्षेत्र के लोगों के विश्वास पर खरा उतरता आ रहा है। विद्यालय के शिक्षकगण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के लिए सदैव प्रयासरत रहते हैं। यही कारण है कि सीडीए एकेडमी ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है और आज क्षेत्र में एक भरोसेमंद शैक्षणिक संस्थान के रूप में जानी जाती है।

प्रबंध निदेशक ने आगे कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मक सोच का विकास करना भी विद्यालय का प्रमुख लक्ष्य है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक मजबूती और व्यवहारिक ज्ञान भी आवश्यक है, जिस पर सीडीए एकेडमी विशेष रूप से कार्य कर रही है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बसंत पंचमी बच्चों के भीतर सीखने की जिज्ञासा और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का अवसर है। विद्यार्थियों ने भी पूरे मनोयोग से कार्यक्रम में भाग लिया और माँ सरस्वती से अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

बसंतोत्सव के इस आयोजन ने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ किया, बल्कि शिक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।