स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स 2026 की घोषणा, ग्रामीण पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

लखनऊ पर्यटन दिवस 25 जनवरी के अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग ने स्टेट पर्यटन अवॉर्ड्स 2026 की घोषणा कर दी है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य प्रदेश के उन गांवों, ग्रामीण होमस्टे और फार्म स्टे को सम्मानित करना है, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत, सामुदायिक सहभागिता और जिम्मेदार पर्यटन के माध्यम से पर्यटन को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं। यह पहल पूरी तरह जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसके तहत गांव, किसान, परिवार और ग्रामीण मेज़बान अपने क्षेत्र की संस्कृति, शिल्प, स्थानीय खानपान, कृषि परंपराओं और प्रकृति से जुड़े प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों को देश-दुनिया के सामने प्रस्तुत कर सकेंगे।पर्यटन विभाग द्वारा इन पुरस्कारों के लिए तीन श्रेणियों में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें बेस्ट पर्यटन गांव 2026, बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) और बेस्ट फार्म स्टे शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। खास बात यह है कि इन पुरस्कारों के लिए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग में पंजीकृत न होने वाले पात्र हितधारक भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक गांवों और ग्रामीण परिवारों को इस पहल से जुड़ने का अवसर मिलेगा।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश तेजी से एग्री-रूरल टूरिज्म मॉडल के रूप में उभर रहा है। पर्यटन विभाग के साथ अब तक 800 से अधिक ग्रामीण होमस्टे पंजीकृत हो चुके हैं और सरकार का प्रयास है कि और अधिक गांवों, परिवारों और फार्म स्टे संचालकों को इस पर्यटन इकोसिस्टम से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर, अवध और ब्रज जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण पर्यटन के अनुभवों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है, जहां देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ श्रीलंका, स्पेन और जर्मनी जैसे देशों से भी पर्यटक आ रहे हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से उन लोगों को पहचान दी जाएगी, जो स्थानीय संस्कृति को सहेज रहे हैं, आजीविका के नए अवसर पैदा कर रहे हैं और सार्थक व आत्मीय आतिथ्य प्रदान कर रहे हैं।मंत्री ने बताया कि बेस्ट पर्यटन गांव 2026 श्रेणी में गांवों का मूल्यांकन उनकी विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, संस्कृति, परंपरागत त्योहारों, विशिष्ट पर्यटन अनुभवों, सामुदायिक भागीदारी, सतत पर्यटन उपायों, पर्यटक सुविधाओं और पर्यटन के लिए समग्र तैयारियों के आधार पर किया जाएगा। वहीं बेस्ट होमस्टे (ग्रामीण) श्रेणी में प्रामाणिक ग्रामीण जीवन के अनुभव, अतिथि सुविधा, संचालन में पारदर्शिता और वास्तविक पर्यटक ठहराव को प्रमुख मानदंड बनाया गया है। बेस्ट फार्म स्टे श्रेणी में कृषि आधारित अनुभव, स्थानीय उत्पादों का उपयोग, प्रकृति से जुड़ाव और पेशेवर ढंग से संचालित ग्रामीण आतिथ्य को विशेष महत्व दिया जाएगा।प्रमुख सचिव, पर्यटन अमृत अभिजात ने कहा कि आज पर्यटन केवल दर्शनीय स्थलों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अनुभव आधारित पर्यटन की ओर बढ़ चुका है। ग्रामीण पर्यटन भारत की सांस्कृतिक पहचान और विरासत को दुनिया तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि पर्यटक ग्रामीण जीवन से जुड़ें, ताकि उनकी यात्रा केवल स्मारकों तक सीमित न रहकर संस्कृति, परंपरा और सादगी से जुड़ा एक सार्थक अनुभव बन सके।पर्यटन विभाग ने बताया कि आवेदन ऑनलाइन श्रेणीवार पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से किए जाएंगे। इच्छुक हितधारक उत्तर प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर भी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है।