ठंड पर शायरी – ज्योति कुमारी

ठंड पर शायरी –

 

सर्द हवाएँ कहती हैं धीरे से कानों में,

 

“प्रेम हो तो रज़ाई भी महकती है प्राणों में।”

 

गर्म चाय का हर घूंट मोहब्बत जगाता है,

 

और कोई नहीं, बस वो एक याद आता है। ☕💞

 

ठंड का मौसम है, पर दिल में बहार है,

 

तोता-मैना की जोड़ी — सर्दी की मिसाल है! 🕊️

 

ज्योती कुमारी

 

नवादा(बिहार)