शरद ऋतु में तोता-मैना की शादी – ज्योती कुमारी

शरद ऋतु में तोता-मैना की शादी🌿

 

शरद ऋतु की ठंडी बयार चली,

ओस की बूंदों ने ज़मीन सजा दी।

इसी मौसम में हुई तोता-मैना की शादी,

ठिठुरते हुए भी दोनों ने कसम खा ली। ❄️

 

नई-नई दुल्हन मैना सजी थी लाल चुनरी में,

तोता भी फूला न समाया अपनी खुशक़िस्मती में।

पर ठंड के मारे दोनों थर-थर कांप रहे थे,

प्रेम की गर्मी में भी दाँत चटर-चटर बज रहे थे। 😄

 

रिश्तेदारों ने दहेज में दिया —

ऊनी रज़ाई, मफलर, गीज़र और गरम पानी का प्याला,

कहते थे — “बिटिया, सर्दी बड़ी निराली है भाला।”

 

मैना ने अपनी पहली रसोई में,

प्यार से बनाया –

गाजर का हलवा, मटर-छीमी की सब्ज़ी,

बदाम के लड्डू और कोबी की कचौड़ी —

सुगंध से महक उठी पूरी हवेली छोटी। 🍲✨

 

संध्या के समय जब बारी आई,

मैना ने

गरमागरम मसालों वाली चाय बनायी। ☕

ठंड की सिहरन ने जब अंग-अंग जगाई,

तो दोनों ने मुस्कुराकर ओढ़ ली एक ही रजाई ।

ज्योती कुमारी

नवादा(बिहार)