बस्ती!19 दिसम्बर I राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत बस्ती के सनातन प्रेमियों, संत समाज,बिभिन्न मठ मन्दिरों के. के अर्जक पुजारियों, युुवा शक्ति , सज्जन शक्ति विद्यार्थियों द्वारा बस्ती सदर खण्ड के महरीपुर मण्डल का विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन महरीपुर स्थित आदित्य मैरेज हाल में किया गया !
बस्ती की हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के तत्वाधान में आयोजित इस हिन्दू सम्मेलन में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गोरक्ष प्रांत के प्रांत प्रचारक आदरणीय रमेश जी ने कहा कि सनातन हिन्दू धर्म ही पूरे विश्व में अकेला धर्म है बाकी सब पूजा
पद्धतियां हैं मत, पंथ ,सम्प्रदाय हैं सनातन ने ही सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का मंत्र दिया है सर्वें भवन्तु सुखिन:की कल्पना सिर्फ सनातन संस्कृति में ही है!कहाकि
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की साधना और हमारे संतों की प्रेरणा से ही आज देश का हिन्दू संगठित हो भारतमाता की जय और वन्देमातरम् बोलने को तत्पर हुआ है I हमारे पर्वों, त्योहारों को समरस भाव से मनाने लगा है!जननी, जन्मभूमि को अपनी जन्मदायी मां के समान मानने लगा है उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समाज परिवर्तन के पांच प्रण सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, सामुहिक परिवार जीवन शैली, स्वदेशी भाव का जागरण, नागरिक कर्त्तव्यों का बोध कराकर पंच परिवर्तन के माध्यम से हिन्दू समाज की जय होगी और विश्व का कल्याण होगा I जिसमें आप सभी से अपनी भूमिका निभाने का विनम्र आग्रह भी है ।
सम्मेलन मेें श्री अयोध्या धाम हनुमान गढ़ी महंत राजूदास जी ने कहा कि हमारी सम्पत्ति, व्यवसाय, परिवार, पूजा पद्धति, पूजा स्थल तब तक ही सुरक्षित है जब तक हिन्दू संगठित है , सबल है, समरस है अन्यथा विधर्मी शक्तियाँ हमें सनातन से दूर करने को सतत प्रयासरत है I
जिले की हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति के अध्यक्ष महेंद्र सिंह और सत्य प्रकाश सिंह ने सम्मेलन में पधारें समस्त हिन्दू जनमानस का आभार ज्ञापन किया ! संचालन भूपेन्द्र सिंह राणा ने किया कार्यक्रम में गिरीश सिंह, जगन्नाथ सिंह, महंत गोविंद दास, महंत मीरा दास, सुभाष, अखिलेश,सर्वेंद्र, नीरज, मनोज सिंह,,रणजीत, कृष्ण चंद्र सिंह,राहुल, वीरेंद्र,विवेक सिंह, मनमोहन,शंभू चौधरी नागेन्द्र सिंह, अमरेश पांडे, सुखराम गौर,बृजेश मुन्ना गोपेश पाल ,श्रीराम जी अरविंद, श्रवण सिंह, राजेन्द्र, ओंकार, डॉ हनुमान,राहुल सिंह, हरिओम