लखनऊ में एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान का शुभारम्भ, सहकारिता से किसानों को मिलेगा नया बल

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करने के लिए इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में एम-पैक्स (बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों) की सदस्यता महाअभियान का शुभारम्भ किया गया। भारत सरकार के सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर, सहयोगी मंत्री धर्मपाल सिंह, संजय निषाद सहित अन्य वरिष्ठ नेता एवं अधिकारी मौजूद रहे।मुरलीधर मोहोल ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित “अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025” की भावना के अनुरूप सहकारी संस्थाएँ ग्रामीण विकास और किसानों की समृद्धि में अहम भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और सहकारिता मंत्रालय के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण योजनाएँ लागू की गई हैं। इनमें पैक्स को बहुउद्देश्यीय संस्थान के रूप में विकसित करना, दो लाख नए पैक्स का गठन, महिलाओं और वंचित वर्ग को प्रतिनिधित्व देना, कम्प्यूटरीकरण, किसान समृद्धि केंद्र, भंडारण क्षमता विस्तार तथा ब्याजमुक्त ऋण जैसी योजनाएँ शामिल हैं।सहकारिता मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने कहा कि सदस्यता महाअभियान किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले आयोजित अभियान में 30 लाख नए सदस्य जुड़े और 70 करोड़ रुपये का अंशधन प्राप्त हुआ। वर्तमान अभियान का लक्ष्य एक माह में 30 लाख नए सदस्य जोड़ना है। उन्होंने किसानों से निकटतम एम-पैक्स अथवा जिला सहकारी बैंक से संपर्क कर सदस्यता प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। इसके लिए टोल फ्री नंबर 1800212884444 तथा ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।सदस्य बनने वाले किसानों को नैनो यूरिया, उर्वरक, उन्नत बीज, कृषि मशीनरी, कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व आदि सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही प्रत्येक सदस्य को यूनिक आईडी प्रदान की जाएगी। प्रदेश में 6900 एम-पैक्स को उर्वरक व्यवसाय हेतु 10 लाख रुपये की ब्याजमुक्त कैश क्रेडिट लिमिट दी गई है, जिससे लगभग 5400 करोड़ रुपये का व्यवसाय हुआ है। इस सीमा को 15 लाख रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
कार्यक्रम में सोलर रूफटॉप विद्युतीकरण योजना, आधार कार्ड निर्माण, जर्जर गोदामों की मरम्मत, ड्रोन पायलट प्रशिक्षण तथा अन्न भंडारण योजना जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया। मत्स्य विकास मंत्री डॉ. संजय निषाद ने सहकारी समितियों को ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बताया। पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने किसानों की आय दोगुनी करने में पशुपालन की भूमिका पर बल दिया और मोबाइल वेटरिनरी यूनिट्स जैसी सेवाओं की उपलब्धता पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एम-पैक्स सचिवों और सभापतियों को सम्मानित भी किया गया। जनऔषधि केन्द्र, कॉमन सर्विस सेंटर, उर्वरक वितरण, कैश क्रेडिट लिमिट संचालन और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत उपलब्ध कराई गई योजनाओं का पुरस्कार वितरण हुआ।अंत में आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता योगेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि सहकारिता सतत विकास, गरीबी उन्मूलन और सामाजिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह सदस्यता महाअभियान किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को सहकारिता से जोड़कर समृद्धि की नई दिशा प्रदान करेगा।
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