समाज कल्याण विभाग करेगा ‘मिशन कर्मयोगी पखवाड़ा’ का आयोजन, गांधी जयंती पर होगा सम्मान

लखनऊ। सेवा पखवाड़ा के अवसर पर समाज कल्याण विभाग एक विशेष अभियान चलाने जा रहा है। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण के निर्देश पर 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक ‘मिशन कर्मयोगी पखवाड़ा’ आयोजित होगा। इसमें विभाग, निगम और आयोग के सभी अधिकारी, नियमित एवं संविदा कर्मी तथा शिक्षक शामिल होंगे। सभी कर्मचारियों को न्यूनतम तीन ऑनलाइन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करना अनिवार्य होगा। इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2025 निर्धारित की गई है। अभियान का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों के कौशल विकास को बढ़ावा देना, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना तथा नई तकनीकों के प्रति दक्षता विकसित करना है।प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने, यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 के तहत महिला सुरक्षा, ई-प्रोक्योरमेंट से पारदर्शी खरीद प्रक्रिया, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर जानकारी, डिजिटल तकनीकों के उपयोग तथा सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। कर्मचारियों को तनावमुक्त कार्य वातावरण और आधुनिक प्रशासनिक प्रक्रियाओं से परिचित कराते हुए उन्हें कार्य में दक्ष और जागरूक बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।निदेशक समाज कल्याण कुमार प्रशांत ने बताया कि मिशन कर्मयोगी पखवाड़ा राज्यमंत्री असीम अरुण की पहल है, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्मिकों को नई कार्य संस्कृति और तकनीकी दक्षता से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी अधिकतम प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरे करेंगे उन्हें 2 अक्टूबर 2025 को महात्मा गांधी जयंती पर सम्मानित किया जाएगा। यह अभियान भारत सरकार के राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता निर्माण कार्यक्रम का हिस्सा है।अभी तक प्रदेश के 2,728 कर्मचारियों ने पोर्टल पर पंजीकरण कर 1,635 प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में नामांकन किया है, जिनमें से 854 कर्मचारियों ने पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कर्मचारियों को नई तकनीकों के प्रयोग हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है।समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी तहसीलों में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं और कर्मचारियों को कार्यस्थल पर दक्षता बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जा रहा है। अभियान के तहत कर्मचारियों को न केवल नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि कार्यस्थल पर अनुशासन, पारदर्शिता और सहानुभूतिपूर्ण वातावरण भी विकसित किया जा रहा है।महात्मा गांधी जयंती पर होने वाला यह सम्मान समारोह सरकारी कर्मचारियों के बीच प्रेरणा का स्रोत बनेगा और उन्हें समाज सेवा से जुड़ने की दिशा में नए आयाम प्रदान करेगा। यह पहल प्रशासन में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और जनसेवा की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।