जरवल में आयोजित हुआ अभिमुखीकरण कार्यक्रम
बहराइच : जरवल ब्लॉक में आयोजित ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों के एकदिवसीय अभिमुखीकरण में यह साझा संकल्प लिया गया कि गाँव-गाँव की पंचायतें अब बाल विवाह रोकथाम, परिवार नियोजन और पोषण जैसे मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगी। यह कार्यक्रम उम्मीद परियोजना के अंतर्गत ब्लॉक विकास अधिकारी कार्यालय में सम्पन्न हुआ, जिसमें दो दिनों में कुल 148 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख इं. वीपेंद्र प्रताप सिंह ने की, उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में कई बार दबाव में बेटियों की शादी जल्दी कर दी जाती है, लेकिन यह परंपरा उनकी जान के लिए खतरा है। यदि पंचायतें आगे बढ़कर जागरूकता फैलाएँगी तो हम बाल विवाह को रोक सकते हैं और बेटियों को पढ़ाई का अवसर दे सकते हैं।
खण्ड विकास अधिकारी आलोक कुमार वर्मा ने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र में शादी करने वाली लड़कियों का शरीर पूरी तरह विकसित नहीं होता। ऐसे में गर्भधारण से उनके कुपोषित होने और प्रसव के समय गंभीर खतरे का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने कहा पंचायतों को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता और पोषण समिति की बैठकों में इन बातों की चर्चा करनी चाहिए, इस पहल से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान गाँव के स्तर पर ही हो सकता है।
परिवार नियोजन साधनों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सीएचसी जरवल के अधीक्षक डॉ. कुंवर रितेश ने कहा परिवार नियोजन अपनाकर दो गर्भधारण के बीच कम से कम तीन साल का अंतर रखा जा सकता है। इससे माँ को पोषण की भरपाई का समय मिलता है और अगला बच्चा भी स्वस्थ जन्म लेता है। यही वजह है कि जहाँ परिवार नियोजन अपनाया जाता है, वहाँ मातृ और शिशु मृत्यु दर में तेजी से कमी आती है।
इस मौके पर सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) नजद इमाम, सहायक विकास अधिकारी (कृषि) राजेश कुमार सिंह, राज्य प्रतिनिधि मोबियस फाउंडेशन से प्रभात कुमार और राज्य प्रतिनिधि पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया से बलबीर सिंह समेत जिला एवं ब्लॉक स्तर के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।