अयोध्या में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा की धुन, ऋषि राज पांडे कर रहे अमृतपान

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या । श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद से धार्मिक उत्साह अपने चरम पर है। इसी भक्तिमय माहौल के बीच लखनऊ के प्रसिद्ध कथावाचक ऋषि राज पांडे इन दिनों अयोध्या में श्रीमद्भागवत कथा का अमृतपान करा रहे हैं, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु आध्यात्मिक आनंद ले रहे हैं। विशेष बातचीत में ऋषि राज पांडे ने इस अवसर को ईश्वर की कृपा बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भगवान श्रीकृष्ण का साक्षात स्वरूप है, जो आत्मा को परम आनंद प्रदान करता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या का धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण और अधिक भक्तिमय हो गया है, जिससे देशभर से संत और कथावाचक धर्म प्रचार के लिए अयोध्या आ रहे हैं। ऋषि राज पांडे ने युवाओं के बढ़ते धार्मिक रुझान की सराहना करते हुए उन्हें धर्म को आत्मिक प्रेम और प्रभु चरणों में प्रीति से जोड़ने का आग्रह किया। उन्होंने ‘गीता सेवा ऐप’ को युवाओं को शास्त्रों से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बताया।
तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं के व्यवहार को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि तीर्थ दर्शन का उद्देश्य प्रभु में लीनता होनी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर रील्स और फोटो की लालसा। उन्होंने सभी भक्तों से श्रीराम के जीवन को आदर्श मानकर उसे आत्मसात करने का आग्रह किया, क्योंकि रामचंद्रजी आदर्श पुत्र, पति, राजा, मित्र और शत्रु सभी रूपों में मर्यादा का पालन करने वाले पुरुषोत्तम थे।
ऋषि राज पांडे की यह कथा न केवल धर्म का प्रचार है, बल्कि आत्मिक जागृति का निमंत्रण भी है। अयोध्या नगरी एक बार फिर धर्म, मर्यादा और प्रभु श्रीराम की भक्ति में रंग चुकी है।