महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या धर्मनगरी अयोध्या में जेठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर गुरुवार को मां सरयू का जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर के पक्के घाट पर पारंपरिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन और भव्य झांकी के माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन को मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
इस जन्मोत्सव की परंपरा 53 वर्ष पूर्व स्व. महावीर पांडे और स्व. सती पांडे ने शुरू की थी, जिसे आज भी उनके सुपुत्र उत्तम पांडे पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ निभा रहे हैं। उत्तम पांडे ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके पिताजी द्वारा शुरू की गई आरती और जन्मोत्सव की परंपरा आज भी जीवित है और वे सभी उनकी स्मृति को प्रणाम करते हुए इस आयोजन को आगे बढ़ा रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ तीर्थ पुरोहित धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश महाराज, पुरोहित समाज के चौधरी सौरभ पांडे, अवध तीर्थ पुरोहित समाज सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दुर्गेश पांडे और लड्डू गोपाल सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष प्रदीप पांडे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर घाट पर भव्य झांकियों के साथ मां सरयू की महाआरती की गई, जिसमें भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। उपस्थित अतिथियों और श्रद्धालुओं का अंगवस्त्र और पुष्पमालाओं से स्वागत किया गया।
राजेश महाराज ने इस मौके पर कहा कि मां सरयू का जन्मोत्सव केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पीढ़ियों से भक्ति और सेवा की मिसाल बना हुआ है। देर रात तक घाट पर धार्मिक आयोजनों की छटा बिखरी रही।