महर्षि महेश योगी की जयंती पर रामायण विश्वविद्यालय में पहुंचीं कई हस्तियां

अयोध्या के रामायण विश्वविद्यालय में महर्षि महेश योगी की 108वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने अपनी लोकप्रीय प्रस्तुति ‘अपने-अपने राम’ कथा का मंचन किया। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने देवताओं का आवाहन करते हुए अयोध्या के साधु-संतों को प्रणाम किया। साथ ही उन्होंने महर्षि महेश योगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महर्षि जी का शरीर भले ही इस दुनिया में न हो लेकिन उनके विचार और संदेश आज भी पूरी दुनिया में गूंजते हैं। कुमार विश्वास ने कहा, वेदों में ऋषियों ने कहा है कि भगवान के नाम का स्मरण करना चाहिए। भगवान के नाम का स्मरण करने से मनुष्य को शांति मिलती है।” अपनी प्रस्तुति के दौरान उन्होंने कई भजनों की मधुर धुनें प्रस्तुत कीं। इनमें से एक भजन, ‘वही एक राम मेरे हैं, वही एक राम तेरे हैं’, सुनकर पूरा पंडाल राममय हो गया।

 

*महर्षि महेश योगी की जयंती पर हुआ सम्मान समारोह*

 

कार्यक्रम के दौरान राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी को राम प्रतिमा देकर संस्थान के अध्यक्ष श्री अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने सम्मानित किया। अपने संबोधन में सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा “महर्षि महेश योगी जी के विचारों ने भारत को एक नई दिशा दी है। जब भी दुनिया में अशांति फैलती है, तब भारत ही शांति का मार्ग दिखाने का कार्य करता है। महर्षि जी का जीवन इसी संदेश का प्रतीक है। उन्होंने अयोध्या की पावन भूमि को नमन करते हुए कहा कि रामायण विश्वविद्यालय में आना उनके लिए गर्व का विषय है ।

 

महर्षि संस्थान के कुलाधिपति ने किया राम मंदिर प्रतिष्ठा का जिक्र

 

महर्षि संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने भी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की प्रतिष्ठा को एक वर्ष पूरा हो चुका है और यह अयोध्या के लिए बहुत ही शुभ दिन है। उन्होंने कहा कि महर्षि जी ने हमेशा रामराज्य की स्थापना का सपना देखा था और उनका संदेश था ‘रामराज दुख कहुं न व्यापा’।

 

*वैदिक साहित्य से बीमारियों का इलाज संभव – टोनी नाडर*

 

महर्षि योगी के अनुयायी और महर्षि संस्थान के राजा राम उपाधि से शोभित टोनी नाडर ने अपने रिसर्च के आधार पर बताया कि वैदिक साहित्य में ऐसी कई जानकारियां हैं जिनसे हमारे शरीर में विद्यमान बीमारियों का इलाज संभव है। उन्होंने कहा कि महर्षि योगी के विचारों पर आधारित यह रिसर्च दुनिया को नई दिशा दे सकता है। कार्यक्रम में अयोध्या के कई साधु-संतों ने भी महर्षि महेश योगी के जीवन और उनकी उपलब्धियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि महर्षि योगी ने भारतीय संस्कृति और वेदों को विश्वभर में पहुंचाने का कार्य किया है। साधु-संतों ने उनके विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया। समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, राज्य के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय और कई अन्य मंत्री मौजूद रहे। इसके अलावा राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी, ट्रस्टी राहुल भारद्वाज, पंकज शर्मा, कैसरगंज के पूर्व सांसद विभूषण शरण सिंह और अयोध्या के कई जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

 

रामायण विश्वविद्यालय में गूंजा राम नाम, कार्यक्रम के दौरान पूरा रामायण विश्वविद्यालय राम भजनों से गूंज उठा। हर ओर भक्तिपूर्ण माहौल था और रामकथा सुनने आए लोग भाव-विभोर नजर आए। कुमार विश्वास की प्रस्तुति ने लोगों का मन मोह लिया। अयोध्या में महर्षि महेश योगी की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम राम भक्ति और भारतीय संस्कृति के प्रचार प्रसार का प्रतीक बन गया। समारोह में शामिल हर व्यक्ति ने महर्षि योगी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।