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अनुराग लक्ष्य, 9 जनवरी
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
,,, सुबह सुनहरी दिन सोना हो और चांदनी रातें
जिधर भी जाओ उन राहों पर ख़ूब मिलें सौगातें
चंदा तारे जुगनू सारे सब हों तेरे दामन में
रिमझिम रिमझिम खुशियों की हों आंगन में बरसातें,,,,,
मैं सलीम बस्तवी अज़ीज़ी आपको बताता चालूँ कि जब उपरोक्त चार पंक्तियाँ मैने लिखी थीं तो शायद मुझे इस बात का इल्म नहीं था कि दुनिया बनाने वाला इतनी जल्दी भी किसी के दिल की सदा सुन लेता है।
लेकिन जब निर्माता निर्देशक संजय वत्सल, अभिनेता कृष्णा यादव और गीतकार सलीम बस्तवी अज़ीज़ी एक साथ इकट्ठा हुए तब शायद मुझे यह पता चला कि मेरा रब बहुत ही शफीक और मेहरबान है।
बहरहाल अब अच्छी खबर यह है कि फरवरी माह में आने वाले वेलेनटाइन डे के अवसर पर कई गीत आपको सुनने को मिलेंगे। जिसे निर्माता निर्देशक संजय वत्सल ने अपनी पूरी प्रतिभा का डंका बजाया है और साथ में अभिनेता कृष्णा यादव का अभिनय भी आप उन गीतों के माध्यम से देख सकेंगे।
मुंबई शब की बाहों में जब भी आती है।
दिन तो यूं ही कट जाता है रात नहीं कटती ।
और ओ जाना, ओ जाना जैसे गीतों को लिखकर सलीम बस्तवी अज़ीज़ी ने यह साबित कर दिया है कि आने वाले वक्त में उनके द्वारा लिखे कुछ और बेहतरीन मुहब्बत से लबरेज़ गीतों के साथ कुछ यादगार गीत भी हिन्दुस्तानी संगीत के साथ संगीत प्रेमियों तक ज़रूर पहुंचेंगे।