राम जन्मभूमि परिसर में 40 एकड़ में होगी हरियाली

 

महेन्द्र कुमार उपाध्याय
अयोध्या।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रवेश के लिए चारों दिशाओं में प्रस्तावित प्रवेश द्वारों के नाम इतिहास प्रसिद्ध प्रमुख आचार्यों के नाम पर रखे जाएंगे। अभी इन नामों पर अंतिम मोहर लगना बाकी है। इसके अलावा रामनवमी से पूर्व पदवेश (जूता- चप्पल) स्थल सहित मन्दिर परिसर के भीतर की सड़कों और अठारह एकड़ में हरीतिका वीथी पर काम पूरा करने के लिए मार्च तक का समय तय किया गया है।शनिवार को दूसरे दिन मंदिर निर्माण समिति की बैठक में उक्त सभी प्रकरणों पर चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र के साथ हुई निर्माण एजेंसियों के जिम्मेदार लोगों ने बैठक में विस्तार से चर्चा की। राम जन्मभूमि के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र के मुताबिक बैठक में शनिवार को दूसरे दिन राम मंदिर निर्माण समेत अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई, इसमें तीसरे तल का निर्माण, शिखर निर्माण पर कोटा निर्माण शामिल हैं।सबसे अधिक मंथन प्रवेश द्वारों को लेकर हुई, क्योंकि इन द्वारों की पहचान इतिहास प्रसिद्ध प्रमुख आचार्यों के नाम से होगी। हालांकि अभी नामों को लेकर मोहर नहीं लगी, ये नाम आगे तय किए जाएंगे।मन्दिर परिसर में 40 एकड़ में होगी हरियाली।समिति की बैठक में राम जन्मभूमि परिसर में हरियाली को लेकर चर्चा हुई। सत्तर एकड़ वाले मन्दिर परिसर में 40 एकड़ हरियाली के लिए समर्पित होगा। उसमें से अठारह एकड़ की हरीतिका वीथी मार्च तक तैयार हो जानी है।जूता-चप्पल रखने की जगह मार्च तक होगी तैयार मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के पदवेश (जूता चप्पल) रखने के लिए व्यवस्थित स्थान तैयार होना है। साथ ही परिसर के भीतर की लगभग तीन सौ मीटर सड़क को सुंदरीकरण के साथ तैयार किया जाना है। सप्तऋषि मन्दिर पूर्ण होने पर इनके बीच एक मनोहारी पुष्करिणी (फूलों से भरी तलैया) निर्मित की जानी है। बैठक में सम्मिलित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र ने उक्त जानकारी दी। डॉ मिश्र ने बताया कि बहुत से कार्य को पूर्ण करने की सीमा रामनवमी के दृष्टिगत ही मार्च तक रखी गई है।