मशहूर ओ मारूफ ग़ज़ल गायक उस्ताद राज कुमार रिज़्वी की स्मृति में ,, तेरी याद का मौसम ,, से सजी सुरमयी शाम,,,,


अनुराग लक्ष्य, 9 दिसंबर
सलीम बस्तवी अज़ीज़ी
मुम्बई संवाददाता ।
यह तो आपको पता ही होगा कि जब साज़ के साथ आवाज़ भी मिल जाती है तो क्या होता है। जी, वही हुआ, जो आप सोच रहे हैं। कहीं बशीर बद्र साहब की ग़ज़लों को गया जा रहा था तो कहीं दम मस्त कलंदर मस्त मस्त की खूबसूरत प्रस्तुति से शाम सुरमयी हो गई थी।
अवसर था मशहूर ओ मारूफ ग़ज़ल गायक उस्ताद राज कुमार रिज़्वी साहब की स्मृति में इण्डियन म्यूजिक इंसटीट्यूट और भवंस कल्चरल सेंटर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम ,, तेरी याद का मौसम ,, इस ग़ज़ल भरी शाम को और भी खुशरंग बनाने के लिए रिज़वी साहब की सुपुत्री मशहूर गायिका रुना रिज़वी शिवमणि ने अपने चिरपरिचित अंदाज़ में बशीर बद्र साहब की ग़ज़ल ,, इक कसक दिल की दिल में चुभी रह गई ,, पेश करके अपनी मौजूदगी का भरपूर एहसास कराया।
इसी तरह राज कुमार रिज़्वी साहब की दूसरी सुपुत्री नेहा रिजवा ने ,, दम मस्त कलंदर मस्त मस्त ,, सुनाकर अपनी असाधारण गायिकी का परिचय दिया और उपस्थित श्रोताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
ग़ज़ल गायकी की इस खूबसूरत शाम में मशहूर ओ मारूफ शायरा और गायिका पूनम विश्वकर्मा आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार रिज़वी साहब के शिष्य प्रदीप कङू और इंद्राणी रिज़वी साहिबा का योगदान सराहनीय रहा। पूरी शाम ग़ज़लों की गायिकी से श्रोताओं ने भरपूर आनंद लिया।