कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज
प्रयागराज पति ने पत्नी को मेहनत से पढ़ाया। अब नौकरी मिलने के बाद जिंदगी बदली तो अफसर बनी पत्नी का मोहभंग हो गया। उसने आधार कार्ड में पति की जगह पिता का नाम लिखवा दिया। अब यह यह मामला खास चर्चा में है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच में जुट गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धूमनगंज थाना क्षेत्र के देवघट झलवा के रहने वाले जमाल उर्फ जमालुद्दीन की तहरीर पर कोर्ट के आदेश पर एफआईआर हुई है। जमाल मूल रूप से मऊ चित्रकूट के रहने वाले हैं। वह प्रयागराज में बस गए हैं। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है कि अगस्त 2008 में उसकी शादी मुस्लिम रीति रिवाज से स्पृहा उर्फ आयशा से हुई थी। हम लोग की लव मैरिज थी। जमाल का कहना है कि शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को घर से निकाल दिया गया। ऐसे में वह पत्नी आयशा के साथ उसी के घर पर रहने लगा।
जमाल का कहना है कि आयशा को उसने अपनी जमा पूंजी से पढ़ाया। वह तब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती थी। 2022 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कनैली कौशांबी में स्पृहा को सीएचओ के पद पर नौकरी मिल गई। नौकरी मिलने के बाद उसकी पत्नी के स्वभाव और विचारों में बदलाव आने लगा। धीरे-धीरे वह खुले विचारों वाली हो गई।
पति का आरोप है कि उसकी पत्नी का एक युवक से नजदीकी बढ़ने लगी। आरोप है कि इसके बाद मुझसे उपेक्षित, अपमानजनक व्यवहार करने लगी। नौकरी मिलने के बाद पत्नी ने चुपके से आधारकार्ड में पति की जगह पिता का नाम दर्ज करा दिया। नौकरी में दिए गए दस्तावेजों में उसने खुद अविवाहित दर्शाया। फर्जी प्रपत्रों के जरिए नौकरी पा ली।
पति कि कहना है कि पत्नी के इस प्रकार के व्यवहार से आजिज आकर वह पुलिस के पास गया फिर अदालत का रुख किया। मामले में धूमनगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है। इंस्पेक्टर अमरनाथ राय का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर कर विवेचना कराई जा रही है। पति–पत्नी का बयान दर्ज किया जाएगा।